पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी।
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पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा दलित शब्द के उपयोग पर रोक लगाने और ऐसे अन्य आपत्तिजनक शब्दों अथवा नाम वाले संस्थानों के नाम बदलने के आदेश जारी किए गए हैं। आयोग की तरफ से जारी आदेश में पंजाब सरकार से कहा गया है कि जाति के आधार पर कस्बों, शहरों या धर्मशालाओं के रखे गए नामों को बदला जाए।
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आयोग के उक्त आदेश के बाद स्थानीय निकाय विभाग ने राज्य के सभी नगर निगम कमिशनरों और एडीशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट) को पत्र लिखकर कहा है कि वह पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा भेजे पत्र के अनुसार उनके अधीन आती नगर पंचायतों, नगर परिषदों या निगमों और अन्य संस्थान, जिनके नाम जाति के आधार पर हैं, जैसे चमाहेड़ी, चुहड़ माजरा, बाजीगर बस्ती, हरिजन धर्मशाला, हरिजन सोसाइटी, हरिजन फिरणी या हरिजन प्राइमरी स्कूल आदि का ब्योरा सूचीबद्ध करके स्थानीय निकाय विभाग को भेजें।
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उल्लेखनीय है कि पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर मीडिया ने उन्हें पंजाब का पहला दलित मुख्यमंत्री के तौर पर प्रचारित किया था। मुख्यमंत्री के नाम के साथ लगाया यह शब्द अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बना था। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य एससी आयोग ने निर्देश जारी किए थे कि दलित शब्द का प्रयोग न किया जाए।
पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल तेज
पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल को तेज करते हुए गुरुवार को राज्य की मुख्य सचिव विनी महाजन को हटाकर उनकी जगह आईएएस अधिकारी अनिरुद्ध तिवारी को मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि विनी महाजन को अगली नियुक्ति बाद में दी जाएगी। हालांकि सरकार ने इसके साथ ही 1987 बैच की आईएएस अधिकारी विनी महाजन, 1988 बैच की रवनीत कौर, 1988 बैच के संजय कुमार, 1989 बैच के विजय कुमार जंजुआ और 1989 बैच के कृपा शंकर सरोज को स्पेशल चीफ सेक्रेटरी मनोनीत कर दिया गया है।