चंडीगढ़। हरियाणा में यमुनानगर के पास बसे नग्गल गांव से मुस्लिम परिवारों के पलायन के मामले पर शनिवार को सेक्टर-28 में जनवादी अधिकार सभा ने एक एक प्रेसवार्ता की। एडवोकेट मनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस नग्गल में मुस्लिम परिवारों का सहयोग नहीं कर रही। इन परिवारों पर हमला हुआ, जिस कारण उन्हें गांव से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सभा ने पीड़ितों को न्याय देने की अपील की। साथ ही आरोपियों को पकड़ने की मांग की। पीड़ितों को मुआवजा देने की भी मांग की गई।
मनदीप सिंह ने बताया कि 22 फरवरी को हमें घटना की जानकारी मिली। हमले में 15 लोगों के घायल होने की सूचना पर टीम ने नग्गल गांव जाकर निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि एक रात जागरण में डीजे देर रात तक बजा। इसकी शिकायत मुस्लिम परिवार ने पुलिस को कर दी। पुलिस ने आकर डीजे बंद करा दिया। अगले दिन पंचायत कर लोगों ने हमले की योजना बनाई और मुस्लिम परिवारों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। मामले में लगभग 15 मुस्लिम घायल हो गए। इस पूरे प्रकरण में 33 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज होने की सूचना है। डीएसपी ने एसआईटी गठित कर दी है और गांव में अस्थायी पुलिस चौकी भी बना दी है। मामले में शिकायतकर्ता कमाल खान ने बताया कि उनके घर से ही हमले की शुरुआत हुई थी। फिलहाल पुलिस दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मौके पर भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन, सीनियर काउंसिल आरएस बैंस भी मौजूद रहे।