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सिद्धू गुट को बड़ा झटका: कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाना आसान नहीं, जानें- पंजाब में कांग्रेस विधायकों का गणित

Thu, 26 Aug 2021 06:14 AM IST
ajay kumar हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने पर अड़े विरोधी गुट को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के अधिकांश विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हैं। कैप्टन के खिलाफ बैठक में शामिल 26 विधायकों में से सात ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं। 17 मंत्रियों में से केवल चार मंत्रियों ने बगावत का बिगल बजा रखा है। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने का सपना देखने वाले विरोधियों की राह इतनी आसान नहीं है। 
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने की मुहिम शुरू करने वालों को 24 घंटे के भीतर ही जोरदार झटका लगा है। एक तरफ पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने उन्हें दो-टूक बता दिया है कि पार्टी 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ेगी, वहीं नई दिल्ली में हाईकमान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस की अगुवाई कैप्टन के हाथ में ही रहेगी।

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चार कैबिनेट मंत्रियों और 26 मौजूदा व पूर्व विधायकों ने मंगलवार को मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर बैठक करके कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, विरोधी गुट का यह कदम उसी रणनीति का हिस्सा था, जिसे बीते दिनों प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अचानक और बिना एजेंडे के 13 नगर निगम क्षेत्रों के कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाकर अंजाम देना चाहा था। उस बैठक से पहले गुपचुप तरीके से यह रणनीति बनाई गई थी कि बिना एजेंडे के बुलाई गई विधायकों की बैठक में पटियाला से विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहेंगे। उनकी उपस्थिति में ही किसी विधायक के जरिए नेतृत्व पर सवाल उठाए जाएंगे। इस तरह कैप्टन की स्थिति को कमजोर साबित किया जाएगा लेकिन विधायकों की उक्त बैठक फ्लाप होने के बाद विरोधी गुट काफी मायूस रहा।

कांग्रेस विधायकों का गणित
मंगलवार को जब हाईकमान ने नवजोत सिद्धू को उनके सलाहकारों की टिप्पणियों पर जवाब तलबी के लिए दिल्ली बुलाया तो विरोधी गुट ने आनन-फानन तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक कर कैप्टन को हटाने की मुहिम छेड़ दी लेकिन विरोधी गुट अपनी इस मुहिम में भी मात खा गया क्योंकि पंजाब में इस समय कांग्रेस के 80 विधायक (77 विधायक और 3 आप से आए) हैं। 17 मंत्रियों में से केवल चार ही विरोध में दिखाई दे रहे हैं। तृप्त बाजवा के घर जुटे 26 विधायकों में से 7 विधायकों ने 24 घंटे के भीतर ही घोषणा कर दी कि वे कैप्टन के साथ हैं। इस तरह मात्र 23 विधायक और पार्टी प्रधान सिद्धू (कुल 24) के लिए संभव नहीं है कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ संख्या बल दिखा सकें।

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