उधर, भगवंत मान का कहना है कि पंजाब के पास हरियाणा को देने के लिए एक बूंद पानी नहीं है। परियोजना का नाम और प्रस्ताव बदलने की वकालत करते मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि पंजाब के पास पानी नहीं है, इसे देखते हुए पंजाब को सतलुज नदी के जरिए गंगा और यमुना का पानी मुहैया कराया जाना चाहिए। वाईएसएल एक ठोस विकल्प है, जिस पर पंजाब में पानी की कमी की विकट स्थिति को ध्यान में रखकर विचार किया जाना चाहिए। छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा को पंजाब से ज्यादा पानी मिल रहा है। भगवंत मान ने कहा कि जब हमारे प्रदेश के खेत सूख रहे हैं तो हरियाणा को पानी कैसे दिया जा सकता है।
केंद्र ने नहरी ढांचे के लिए एक पैसा नहीं दिया
भगवंत मान ने कहा कि राज्य का नहरी ढांचा सदियों पुराना है। केंद्र सरकार ने नहरी ढांचे का कायाकल्प करने के लिए आज तक एक पैसा राज्य को नहीं दिया। पंजाब में 14 लाख ट्यूबवेल हैं, जो राज्य की सिंचाई जरूरतों की पूर्ति के लिए निरंतर पानी निकाल रहे हैं और राज्य ने देश को अनाज से आत्मनिर्भर बनाया है।
टाइमलाइन तय हो: मनोहर लाल
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने साफ किया कि हरियाणा के लिए एसवाईएल का पानी बहुत आवश्यक है। अब इस मामले में एक टाइम लाइन तय होना जरूरी है ताकि प्रदेश के किसानों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
...अब क्या भगवान को आना पड़ेगा: जयहिंद
एसवाईएल के मुद्दे पर नवीन जयहिंद ने ट्वीट कर भाजपा की केंद्र और हरियाणा सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि कौन देगा हक सीएम साहब। सुप्रीम कोर्ट तो हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है। केंद्र में सरकार भाजपा की है। पीएम मोदी है तो बताओ अब भगवान को आना पड़ेगा क्या हक दिलाने के लिए? उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से यह जवाब तलब करते हुए कहा कि एसवाईएल पर राजनीति बंद करो। एसवाईएल बनाओ, पानी लाओ।