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सदन में जमकर हंगामा: मेयर बोलीं- तीन गुना नहीं बढ़ेंगे पानी के दाम, आयुक्त बोलीं- ये प्रशासन तय करेगा

Tue, 29 Mar 2022 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी ने सदन की कार्यवाही से पहले एक अप्रैल से बढ़ने वाले वाले पानी के दामों को लेकर मेयर सरबजीत कौर से स्पष्टीकरण मांगा।
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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक शुरू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम में मंगलवार को सदन की बैठक शुरू होते ही आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। मेयर सरबजीत कौर ने पहले एजेंडा पर चर्चा करने को कहा लेकिन पार्षद पानी के मुद्दे पर अड़े रहे। दोपहर 12 बजे सचिव शालिनी चेतल ने इस विषय पर चर्चा के लिए आधे घंटे का समय तय किया लेकिन एक बजे तक इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकला। 

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मेयर ने कहा कि पानी के दाम तीन गुना नहीं बढ़ेंगे, यह वादा है। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि सदन से पास होने के बाद एजेंडा प्रशासन के पास चला गया है। अब इस पर कानूनी सलाह लेना या कोई टिप्पणी करने का कोई फायदा नहीं है। प्रशासन जो फैसला लेगा वही अंतिम होगा। इसके बाद ही तय होगा कि एक अप्रैल से पानी के दाम कितने बढ़ेंगे।

बैठक शुरू होते ही आप व कांग्रेस पार्षदों ने स्पष्ट कर दिया कि एक अप्रैल से बढ़ने जा रहे पानी के दाम पर पहले चर्चा होगी, उसके बाद अन्य विषयों पर बात की जाएगी। कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह ने कहा कि पानी के विषय पर पार्टी हितों से ऊपर उठकर सभी को एक साथ बोलना चाहिए। आप पार्षद योगेश ढींगरा ने कहा कि शहर को सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति नहीं चाहिए। 

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हमारी लीकेज को ठीक कर दिया जाए और डिफॉल्टरों से पूरा रुपया ले लिया जाए तो घाटा पूरा हो जाएगा। साथ ही कहा कि हमें अपने आय के साधन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। कांग्रेस पार्षद गुरबक्श रावत ने कहा कि सोमवार को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के नेतृत्व में बैठक हुई थी, उसमें अधिकारियों का रवैया भी ठीक नहीं था। 

मेयर मूक दर्शक बनी रहीं। इससे बेहतर पत्र पर लिखकर ही कुछ प्रशासन को दे देतीं। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई। इस दौरान हंगामा बढ़ा तो आप पार्षद पोस्टर लेकर मेयर के सामने आ गए। सीनियर डिप्टी मेयर दिलीप शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल की बात करते हैं लेकिन दिल्ली में पानी के रेट चंडीगढ़ से काफी ज्यादा हैं।  

राष्ट्रगान के अपमान मामले में आप पार्षद ने मांगी माफी
जैसे ही आम आदमी पार्टी पानी के मुद्दे पर हावी हुई, भाजपा ने आप को घेराना शुरू कर दिया। सदन की पिछली बैठक में आप पार्षद प्रेमलता ने राष्ट्रगान के बीच में पोस्टर ऊपर उठाकर विरोध शुरू कर दिया था। इस पर भाजपा पार्षदों ने काफी हंगामा किया। कांग्रेस पार्षद गुरुबक्श रावत ने कहा कि राष्ट्र से ऊपर कुछ नहीं है। अगर गलती हुई है तो उसे स्वीकारना चाहिए। इस पर आप पार्षद प्रेमलता ने कहा कि बिना बताए ही राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया था। मैं भी देश का सम्मान करती हूं। गलती हुई है तो इसके लिए माफी मांगती हूं। 
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सदन में पहली बार पास नहीं हुआ कोई मुख्य एजेंडा
नगर निगम सदन में पानी के मुद्दे पर अपनी अनदेखी से दोनों विपक्षी पार्टियां आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस एकजुट हो गईं। नतीजतन पहली बार सदन में एक भी मुख्य एजेंडा पास नहीं हो सका। अंत में केवल एक टेबल एजेंडा ही पास हो सका। योजना के अंतर्गत दोनों पार्टियों ने हर एजेंडे पर मतदान करवाया और बहुमत के साथ सभी एजेंडों को एक-एक कर रद्द करवा दिया।
  
सदन की बैठक में इस बार विपक्ष सत्ता पक्ष पर भारी पड़ा। आप और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि पानी के दाम के मुद्दे पर उन्हें किसी परिणाम की उम्मीद थी लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया, इसलिए उन्होंने सदन में कोई प्रस्ताव पास नहीं होने दिया। हर बार सदन में सत्ता पक्ष के साथ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया जाता था लेकिन जनता पर पड़ रहे बोझ पर भाजपा की चुप्पी ठीक नहीं है। 

इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के बीच तालमेल की कमी भी दिखाई दी। शिरोमणि अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह भाजपा के साथ खड़े दिखाई दिए। वहीं, कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ज्यादातर मुद्दों पर भाजपा के पक्ष में दिखे, एक एजेंडे में कांग्रेस पार्षद गुरचरनजीत सिंह भी भाजपा के समर्थन में दिखे। सिर्फ लैंड पूलिंग की नीति बनाने के लिए कांग्रेस और आप पार्षदों ने भाजपा का साथ दिया। 

भाजपा के लिए चुनौती, सत्ता में होने के बावजूद प्रस्ताव पास कराना मुश्किल
बैठक में हुए वोटिंग ड्रामे के बाद अब भाजपा के सामने भविष्य में सदन की कार्यवाही को सुचारु रखना आसान नहीं होगा। आप के 14 और कांग्रेस 7 पार्षद मिलकर प्रत्येक एजेंडे की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा का मेयर होने के बावजूद सदन में सत्ता पक्ष कमजोर पड़ रहा है।
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