संगरूर के गांव सुरजन भैणी से सरपंच पद का चुनाव जीतने के तीन साल बाद भी इसके अधिसूचित न होने के चलते पद से वंचित राज कौर ने इंसाफ के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
राज कौर ने एडवोकेट मनीष कुमार सिंगला के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि 2018 में गांव के सरपंच पद के चुनाव के समय मतगणना में हुई गलती के कारण याचिकाकर्ता को एक वोट से हारा हुआ करार दे दिया गया। कांग्रेसी उम्मीदवार को विजयी घोषित करने के खिलाफ याची ने इलेक्शन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने दोबारा मतगणना का आदेश दे दिया। दोबारा हुई मतगणना में याचिकाकर्ता को छह वोट से विजयी करार दिया गया। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने गत वर्ष दिसंबर में याचिकाकर्ता को विजयी करार दिया था। ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद अभी तक याचिकाकर्ता को सरपंच पद पर विजयी होने की नोटिफिकेशन नहीं की गई है। इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।