विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा को एक हफ्ते से लगातार धमकी मिल रही थी, जिससे वह परेशान चल रहे थे। ये बात उनके कुछ करीबी दोस्तों ने शनिवार को बताई। दोस्तों ने बताया कि उन्होंने विक्की से कहा था कि वह घर से कहीं भी अकेला न जाए। बाहर जाना हो तो एक-दो दोस्तों या जानकारों को साथ लेकर जाया करे लेकिन मिंडूखेड़ा को इस बात का आभास नहीं था कि उसके साथ ऐसा हो सकता है।
उसके घर के बाहर जुटे कुछ दोस्तों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उनका कहना था कि जब भी वह मुश्किल में होते थे तो हमेशा वह सहारा बनकर खड़ा हो जाता था। जानकारी के मुताबिक, विक्की मिंडूखेड़ा पर जिस तरह फायरिंग हुई है, उससे साफ है कि आरोपी उसकी रेकी कर रहे थे और उन्हें पता था कि यहां मार्केट में वह अकेला ही आया है। जैसे ही वह निकलेगा, उस पर आसानी से हमला कर देंगे। हमलावरों ने टोपी और मास्क पहन रखा था ताकि पहचान न हो सके। हालांकि पुलिस इलाके के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
जांच में फॉरेंसिक टीम के लिए बारिश बनी अड़चन
इस हत्याकांड के बाद मौके पर जांच करने फॉरेंसिक टीम पहुंची लेकिन वारदात की जगह जहां पर खून गिरा था, वहां से सैंपल लेने में काफी दिक्कत आई, क्योंकि अचानक तेज बारिश शुरू हो गई थी और पानी में निशान मिटने से टीम को सबूत जुटाने में काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी।