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Punjab: सरकार का यू-टर्न, महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी को पद से हटाने का फैसला लिया वापस

Wed, 15 Feb 2023 04:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

मनीषा गुलाटी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका पर लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट ने जब मामले में पंजाब के सरकारी वकील से जवाब मांगा तो उनकी तरफ से कहा गया कि उन्हें इस पर सरकार के निर्देश लिए जाने के लिए कुछ समय दिया जाए। 
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मनीषा गुलाटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी अपने पद पर बनी रहेंगी। पंजाब सरकार ने उन्हें हटाने संबंधी अपने आदेश को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार अब नए सिरे से कानून के मुताबिक उनकी सेवा को जारी रखने पर निर्णय लेगी। पंजाब सरकार ने यह जानकारी सोमवार को हाईकोर्ट में दी। गुलाटी ने मंगलवार को राज्य सरकार के 31 जनवरी के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसमें उनके सेवा विस्तार को रद्द करने का फैसला लिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद बुधवार को गुलाटी ने ट्वीट कर कहा कि सत्यमेव जयते।

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गुलाटी को मार्च 2018 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें 18 सितंबर 2020 से 19 मार्च 2021 तक और फिर 18 मार्च 2024 तक सेवा विस्तार दिया गया। राज्य सरकार ने अपने पत्र में गुलाटी को हटाते हुए कहा कि पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001 के तहत मौजूदा अध्यक्ष या आयोग के सदस्यों को तीन साल के कार्यकाल से आगे बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।

गुलाटी की ओर से ये दिए गए तर्क
गुलाटी ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि सरकार के पास नियुक्तियों के साथ विस्तार देने का भी अधिकार है। याचिकाकर्ता ने ''कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य'' के मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि नियुक्ति के साथ विस्तार देने का भी अधिकार शामिल है।
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नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया
गुलाटी के एडवोकेट चेतन मित्तल ने बताया कि राज्य सरकार ने उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया था। उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस या सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया था। मित्तल ने आगे कहा कि अधिनियम में अध्यक्ष की अयोग्यता के लिए चार से पांच आधार हैं लेकिन उन्हें हटाते समय उनमें से किसी का भी उल्लेख नहीं किया गया था।

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