भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली गई। इस दौरान पूरा शहर भगवान जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा। रथयात्रा में पहुंचे भक्त श्रद्धा से रथ के आगे शीश झुकाकर प्रभु के जयकारे लगा रहे थे।
भगवान जगन्नाथ ने भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ शुक्रवार को भक्तों को दर्शन दिए। सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से भक्तों के दर्शन के लिए प्रभु की रथयात्रा निकाली गई। रथ में राजा बनकर पद्मश्री डॉ. दिगंबर बेहरा ने झाड़ू लगाया। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर गए जहां से वह नौ जुलाई को अपने श्री मंदिर में लौटेंगे।
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रथयात्रा में पहुंचे भक्त श्रद्धा से रथ के आगे शीश झुकाकर प्रभु के जयकारे लगा रहे थे। रथयात्रा सेक्टर-31 की मार्केट होते हुए सेक्टर-31-32, 29-30 से सेक्टर-30, 20 होते हुए सेक्टर-20 के लेबर चौक होकर सेक्टर-45 बुड़ैल, सेक्टर-46 के श्री सनातन धर्म मंदिर होकर सेक्टर-47 होते हुए सेक्टर-31 के मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। उत्कल सांस्कृतिक संघ के अध्यक्ष प्रो. एसएस पटनायक व सचिव अनिल मलिक ने बताया कि भगवान 9 जुलाई को पुन: मंदिर में आगमन करेंगे। इस दौरान विविध धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे।
दो और तीन जुलाई को भी निकलेगी रथयात्रा
इसी क्रम में सेक्टर-36 स्थित इस्कॉन मंदिर से दो जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी। इस्कॉन की ओर से 3 जुलाई को मनीमाजरा से पंचकूला तक रथयात्रा आयोजित होगी। इस्कॉन मंदिर के प्रवक्ता अकिंचन प्रियदास ने बताया कि रथयात्रा सेक्टर-36 के इस्कॉन मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-35, 34, 34-33, 20-21, 21, 22, 22-23 होकर पुन: मंदिर में आकर संपन्न होगी। इसके साथ ही 3 जुलाई को पंचकूला के लिए रथयात्रा का आयोजन होगा। इसका शुभारंभ मनीमाजरा की एनएसी मार्केट से होगा। जो सेक्टर 7-18, 8, 9, 10-15, और 11 होते हुए सेक्टर-12 पंचकूला स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी।