मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्ययमंत्री
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बीती 18 जनवरी को जस्टिस प्रीतम पाल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद हरियाणा के लोकायुक्त का पद अब तक खाली है। इसके चलते लोकायुक्त कार्यालय में पहले से लंबित केसों के अलावा नई शिकायतों का अंबार लगने लगा है।
लंबित केसों में रजिस्ट्रार लोकायुक्त फिलहाल सुनवाई करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 15 मार्च के बाद देते रहे हैं, लेकिन बीते 60 दिन में प्रदेश सरकार की ओर से लोकायुक्त पद के लिए किसी माननीय का चयन नहीं कर पाने के कारण लंबित केसों की सुनवाई भी अटक गई है।
अंबाला मनरेगा घोटाला, हुड्डा के कार्यकाल में विज्ञापनों पर खर्च, पानीपत डीसी रिश्वत प्रकरण, समालखा नगरपालिका धांधली के मामले लोकायुक्त के समक्ष दाखिल कर चुके पानीपत के आरटीआई एक्टीविस्ट पीपी कपूर ने शनिवार को प्रदेश के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को पत्र लिखकर प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
राज्यपाल को भेजे पत्र में उन्होंने प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये का हवाला देते हुए कहा है कि लोकायुक्त नहीं होने के चलते भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति कैसे प्रभावी हो सकती है। उधर, लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर सरकार अभी तक कोई फैसला नहीं ले सकी है।
इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की जाने वाली कमेटी को भी सरकार अंतिम रूप नहीं दे सकी है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार अप्रैल माह के दौरान लोकायुक्त की नियुक्ति कर देगी, जिसके लिए विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद कमेटी का गठन किया जा सकता है।