शादीशुदा होने के बावजूद इसने खुद को अविवाहित बताया और एक युवक से शादी कर ली। फिर लाखों के गहने लेकर फरार हो गई।
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत लाभार्थी बेटियों की शादी पर मिलने वाली पूरी राशि अब शादी का रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही मिलेगी। वहीं, सरकार की ओर से विवाह शगुन योजना में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी केवल अनुसूचित जाति और विधवा औरत की बेटियों के लिए ही है। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कल्याण अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अभी तक मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति व विधवा औरत की बेटी की शादी के लिए पहले 31 हजार रुपये दिए जाते थे। इसे बढ़ाकर सरकार ने अब 41 हजार रुपये कर दिए हैं। बीसी तथा सामान्य वर्ग की लाभार्थियों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्हें पहले की तरह 11 हजार रुपये मिलेंगे।
नई शर्त के मुताबिक, अनुसूचित जाति की बेटी को मिलने वाली 41 हजार रुपये राशि में से 36 हजार रुपये शादी के वक्त मिलेंगे। बाकी 5 हजार रुपये शादी के रजिस्ट्रेशन के बाद दिए जाएंगे। अन्य जातियों की बेटियों को मिलने वाली 11 हजार रुपये की शगुन राशि में से 10 हजार रुपये शादी के वक्त दिए जाएंगे और एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेंगे। यह निर्देश 9 मार्च से लागू होंगे।
1246 बेटियों को मिले 3 करोड़ 19 लाख रुपये
फतेहाबाद जिले में वर्ष 2015-16 में अब तक 1246 कन्याओं शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ मिला है। जिला समाज कल्याण विभाग ने अब तक 3 करोड़ 19 लाख 99 हजार रुपये की राशि जारी की है।
रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता के लिए लागू हुआ नियम
शादी के बाद नवदंपति रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते हैं, जो बहुत जरूरी है। इसी के चलते सरकार ने फैसला लिया है कि शादी के रजिस्ट्रेशन के बाद ही पूरी राशि दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन से पहले कुछ राशि रखी जाएगी।
- बलवंत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी