चंडीगढ़। जगह-जगह जिस लक्खा सिधाना को पुलिस छापे मारकर ढूंढने के दावे कर रही है। वह डेढ़ घंटे तक पीयू में रहा। इस दौरान वहां पुलिस भी मौजूद थी। इसके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे पहले वह 16 जुलाई को भी पंजाब विधानसभा में कमेटी के सामने पेश हुआ था और करीब तीन घंटे वह वहां रहा, पर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
जानकारी के अनुसार कृषि कानून के विरोध में दो महीने पहले राजभवन कूच करने के दौरान दंगा भड़काने के मामले में फरार चल रहे लक्खा सिधाना बुधवार दोपहर पंजाब यूनिवर्सिटी में हो रहे प्रदर्शन में पहुंचा था। हैरत की बात है कि करीब डेढ़ घंटे तक सिधाना प्रदर्शन में रहा। इस दौरान वहां पुलिस भी मौजूद थी, पर फिर भी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। वहीं पुलिस दावा करती है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लक्खा के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दंगा भड़काने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके बाद से वह फरार चल रहा है।
बता दें कि 26 जून को किसानों ने मोहाली के वाईपीएस चौक की ओर से चंडीगढ़ में दाखिल होने की कोशिश की थी। पुलिस ने किसानों को पानी की बौछार से रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। किसानों को आगे बढ़ता देखकर चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे हिमालय मार्ग का ट्रैफिक रोक दिया। दोनों तरफ की सड़कें खाली हो गईं। सेक्टर-34-35 के पास पुलिस की बैरिकेडिंग देखकर किसानों ने विभाजित सड़क की रेलिंग ट्रैक्टर से तोड़ दी। इन दौरान समर्थकों का हुजूम आगे बढ़ता रहा। इसी बीच पुलिस ने पाया कि 26 जनवरी को लाल किले में हिंसा फैलाने का आरोपी लक्खा सिधाना भी कूच में शामिल था।