लखबीर ने पंजाब में तैयार कर रखा था स्लीपर सेल का नेटवर्क
लखबीर सिंह रोडे ने ड्रोन के जरिये पंजाब में टिफिन बम भेजे थे। इनका मकसद पंजाब में दहशत फैलाना था। एनआईए की जांच में सामने आया था कि रोडे ने पंजाब में जबरदस्त स्लीपर सेल का नेटवर्क तैयार कर रखा था। 200 के करीब युवाओं को जोड़ा जा चुका था। टिफिन बम बरामद होने के बाद भी एजेंसियां काफी हिस्सा इसलिए नहीं खोज पाई हैं, क्योंकि स्लीपर सेल ने टिफिन बम एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा दिए थे और इसकी जानकारी आज तक एजेंसियों को नहीं मिल पाई है।
जलालाबाद धमाके से जुड़ा नाम
15 सितंबर 2021 की शाम लगभग 7:57 बजे फाजिल्का के जलालाबाद शहर में पंजाब नेशनल बैंक के बास एक बाइक में धमाका हुआ था। जांच में पता चला की लखबीर सिंह रोडे ने इस धमाके में अहम भूमिका निभाई थी। उसने ही हथियार, गोला-बारूद समेत टिफिन बम भेजे थे। भीड़भाड़ वाली जगहों पर धमाके कर पंजाब के लोगों में भय पैदा करना था। 16 सितंबर 2021 को जलालाबाद पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया था। बाद में इस मामले की जांच एनआईए ने की थी। कुछ समय पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मोगा के बाघापुराना के गांव कोठे गुरुपूरा में आतंकी लखबीर सिंह रोडे की 43 कनाल 3 मरले जमीन का चौथा हिस्सा सील किया था। लखबीर रोडे के खिलाफ दिल्ली में भी केस दर्ज हैं।
इनका इस्तेमाल करती आईएसआई
पंजाब से फरार होकर पाकिस्तान में शरण ले चुके आतंकवादी बब्बर खालसा चीफ वधावा सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीटा, इंडियन सिख यूथ फेडरेशन का सरगना लखबीर सिंह रोडे, खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़ का इस्तेमाल खुले तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के खिलाफ कर रही थी। हालांकि इनमें अब परमजीत सिंह पंजवड़ और लखबीर सिंह रोडे की मौत हो चुकी है।