भिवानी में हरियाणा जाट सर्व खाप पंचायत
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एक ही गांव और समान गोत्र में शादियां न हों, इसके लिए हिन्दू विवाह अधिनियम में बदलाव किया जाना चाहिए। इसके अलावा खापों को लोक अदालतों का दर्जा भी मिलना चाहिए।
वहीं डॉ. स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं। यह मांग सोमवार को खाप पंचायतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी से की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल खापों के प्रतिनिधियों ने यहां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। साथ ही उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान मांगों का जिक्र करते हुए खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि अभी तक अनदेखी का शिकार जींद को अहमियत दी जानी चाहिए। राज्यपाल ने मांगों के संबंध में सरकारी स्तर पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंडेला खाप के प्रमुख टेकराम कंडेला ने किया। टेकराम कंडेला ने कहा कि एक गांव में एक गोत्र में शादी नहीं हो सकती। इतना ही नहीं एक साथ लगते सात गांवों में भी एक गोत्र में शादी वाजिब नहीं है। इससे सामाजिक तानाबाना बिगड़ता है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तौर पर यह बातें सामने आ चुकी हैं कि एक ही गोत्र में शादी होने का विपरीत असर पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे समय से लंबित एसवाईएल के मुद्दे को सुलझाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, जींद जिले में विकास करवाने तथा खापों को लोक अदालत का दर्जा दिए जाने की मांगें रखीं। कहा कि जल्द इस मुद्दों को लेकर जंतरमंतर पर कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही रूपरेखा तैयार की जाएगी। अन्य मांगों में गन्ने का बकाया किसानों को तुरंत देने, जिंद के बेरोजगार युवकों को रोजगार देने की मांग की गई।