1980 और 1990 के दशक के दौरान, कभी-कभी कश्मीर में अलगाववादियों के साथ मिलकर केएलएफ, भारत में सैन्य ठिकानों पर कई बम विस्फोटों के लिए जिम्मेदार था। जेकेएलएफ उन सिख समूहों में शामिल था, जिन्होंने 1991 में नई दिल्ली में रोमानियाई प्रभारी डी एयर, लिविउ राडू के अपहरण की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था।
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की जड़ें लंदन में हैं, जिन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सींचता रहता है। भारतीय एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, अवतार सिंह खांडा के भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे रिश्ते रहे हैं, जिस पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ब्रिटेन के गुरुद्वारों के अंदर आईईडी प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया था।
खांडा, प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता परमजीत सिंह पम्मा का भरोसेमंद साथी था। खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा ने ही अमृतपाल सिंह को ''मिशन खालिस्तान'' के लिए ट्रेनिंग दी थी। खांडा का प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नेता पम्मा से सीधा संबंध था। इन तीनों ने मिलकर पंजाब को एक बार फिर आतंकवाद की ओर धकेलने की साजिश रची थी।
कई कट्टरपंथी मौत का शिकार, रिपुदमन सिंह से लेकर पंजवड़ की हत्या
पाकिस्तान में आतंकी रिंदा की मौत रहस्यमयी बनी हुई है। उसकी मौत पर कहा जा रहा था कि फूड प्वाइजनिंग हो गई है। पिछले दिनों परमजीत सिंह पंजवड़ की गोलियां मारकर पाक में हत्या कर दी गई। वैंकुवर में कनिष्क विमान विस्फोट के आरोपी रिपुदमन सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।