चंडीगढ़। महंगाई का असर चौतरफा पड़ा है। बावजूद इसके महिलाओं में उत्साह देखते ही बन रहा है। हो भी क्यों न... आखिर साजन के लिए संवरना जो है। हालांकि त्योहारों की चमक पहले जैसी नहीं है, फिर भी दो साल के बाद जनजीवन सामान्य होने लगा है। ऐसे में महिलाएं करवाचौथ की जमकर खरीदारी कर रही हैं। इस बारे में दुकानदारों ने बताया कि काफी समय बाद मार्केट में बूम आने से वे खुश हैं। वहीं महिलाओं में भी खरीदारी को लेकर पूरा उत्साहित हैं।
महिलाओं में खरीदारी को लेकर जोश
आर एल बजाज का कहना है कि ट्रेड तो बदलता रहता है। लोग नई-नई चीजें ट्राई करना पसंद करते हैं। हालांकि महंगाई के कारण माल महंगा मिल रहा है, पहले की अपेक्षा ग्राहक कम हैं। लेकिन करवाचौथ एक ऐसा त्यौहार है, जिसमें महिलाएं जमकर खरीदारी करती हैं।
-आरएल बजाज, सेक्टर- 21सी, कॉस्मेटिक दुकानदार
त्योहारी सीजन में खरीदारी की उम्मीद
कोरोना के बाद करवाचौथ के व्रत की खरीदारी से उनकी उम्मीद बढ़ी है। अब तक तो मार्केट पर ग्रहण लगा था, लेकिन अब करवाचौथ और दीपावली के त्योहार से यह ग्रहण आहिस्ता-आहिस्ता हट रहा है।
-अनुज कुमार सहगल, सेक्टर- 37 कॉस्मेटिक दुकानदार
मार्केट ने पकड़ी रफ्तार
कोरोना के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। लेकिन त्योहार में सभी खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में अब मार्केट पहले वाली रफ्तार पर आना शुरू हो गई है।
- गौरव जैन, पालिका बाजार, कॉस्मेटिक दुकानदार
क्या कहती हैं गृहिणियां
साल में एक बार आता है त्योहार
महंगाई तो है, लेकिन त्योहार तो साल में एक बार ही आते हैं। करवाचौथ तो सुहागिनों का खास त्योहार है। इस पर हर चीज नई पहनी जाती है, इसलिए ड्रेस के साथ मेल खाती ज्वेलरी भी खरीदी है।
- शशि, जीरकपुर
थोड़ी बहुत बचत, त्यौहारों पर आएगी काम
महिलाओं ने घर खर्च के बाद जो बचाकर रखा होता है वह ऐसे आयोजनों पर ही निकालती हैं। मैंने भी कुछ बचाकर रखा था, जिसमें से अपने और बहु के लिए ड्रेस और ज्वेलरी खरीदी है।
- रेनू बाला, सेक्टर 43 चंडीगढ़
महंगाई की मार, दोगुना हुई दाम
इस बार करवाचौथ पर महंगाई तो बढ़ी है। ड्रेस पहले 1000 से 2000 तक आ जाती थी, अब 3000 की हो गई है। ऐसे ही ज्वेलरी का हाल है। इसके बावजूद लगता है महिलाओं का खास त्योहार करवाचौथ तो साल में एक बार ही आता है।
- संध्या सेक्टर 43, चंडीगढ़