फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: सिर फोड़ने का आदेश देने वाले करनाल के एसडीएम का तबादला, सरकार ने बनाया अतिरिक्त सचिव

Wed, 01 Sep 2021 07:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पिछले शनिवार को हरियाणा के करनाल में किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस बीच एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा पुलिसकर्मियों को सख्ती बरतने का आदेश दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि नाके से आगे कोई नहीं जाना चाहिए, अगर कोई जाए तो उसका सिर फोड़ दो। 
विज्ञापन
आयुष सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का बुधवार को तबादला कर दिया गया है। उन्हें सरकार ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग का अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया है। बता दें कि करनाल में पुलिस ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध कर रहे किसानों पर पिछले शनिवार को जमकर लाठीचार्ज किया था। इस दौरान लगभग 10 किसानों को चोट आईं थी। इस बीच, करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिसकर्मियों से विरोध प्रदर्शन करने वालों का सिर फोड़ने की हिदायत दे रहे हैं। वीडियो में एसडीएम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर पुलिस कर्मचारियों को कह रहे हैं कि ‘मैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट हूं। ये नाका किसी भी हालात में पार न हो, जो निकलने लगे उसे लठ्ठ मारना...।’ 

विज्ञापन


वीडियो में क्या बोले रहे हैं एसडीएम
यहां से कोई आगे नहीं जाना चाहिए। स्पष्ट कर रहा हूं जो जाए उसका सिर फोड़ दो, मैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट हूं। लिख कर दे रहा हूं। सीधे लट्ठ मारना, कोई डाउट। मारोगे...?
पुलिस वालों का जवाब: जी सर
एसडीएम: कोई डाउट नहीं है। कोई डायरेक्शन की जरूरत नहीं है। क्लीयर है। ये नाका किसी भी हालत में हम पार नहीं होने देंगे। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में 100 की फोर्स पीछे है। कोई इश्यू नहीं है। ठीक है। हेलमेट पहन लो। हम पूरी रात नहीं सोए हैं। दो दिन से ड्यूटी कर रहे हैं। यहां से एक बंदा नहीं जाना चाहिए। जो जाए तो उसका सिर फूटा होना चाहिए।
विज्ञापन

 
सरकार और अफसरशाही का मिला साथ
करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा को लेकर हरियाणा सरकार का स्टैंड कायम है। अफसरशाही ने भी एसडीएम का समर्थन किया है।अधिकारियों से लेकर कई मंत्रियों ने सीएम को फीडबैक दिया है कि करनाल एसडीएम का तरीका उचित है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे फील्ड में होते थे तो कई बार इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ता था। ऐसे में स्पष्ट आदेश देने पड़ते हैं। ऐसे में सरकार का भी तर्क है कि एसडीएम की शब्दावली गलत है लेकिन एसडीएम के एक्शन को गलत मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में आयुष को सरकार और प्रदेश की अफसरशाही का साथ मिला। 

टिकैत ने उठाई थी निलंबन की मांग, दुष्यंत चौटाला कार्रवाई के लिए अडिग
दूसरी तरफ किसान नेता राकेश टिकैत इस घटना को लेकर स्पष्ट हैं कि किसानों का खून बहाने वाले आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित किया जाए। टिकैत ने हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई को तालिबानी करार दिया है। उधर, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला करनाल के एसडीएम पर कार्रवाई की बात को लेकर अडिग हैं। ऐसे में गठबंधन सरकार का क्या निर्णय होगा यह देखना होगा, क्योंकि कुरुक्षेत्र के पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के बाद दुष्यंत ने कार्रवाई की मांग की थी और सरकार ने यह मांग मानते हुए संबंधित अधिकारी पर गाज भी गिराई थी उधर, मुख्यमंत्री ने इस मामले में एक टीवी चैनल के सामने कहा है कि एसडीएम की भाषा गलत है। यह मैं स्वयं कह रहा हूं। विपक्ष के कहने से पहले कह रहा हूं, लेकिन जहां का वीडियो वायरल हुआ है। घटना वहां से 12 किलोमीटर दूर घटी है।
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें