जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक
- फोटो : amarujala
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 13 राज्यों के जाट 10 मई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देकर रोष प्रकट करेंगे। सरकार द्वारा आरक्षण देने, मृतकों को नौकरी एवं मुआवजा देने सहित अन्य मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में यह धरना होगा। जिसमें आगामी रणनीति का भी ऐलान किया जाएगा। इस ऐलान के तहत जाट पूरे देश में आंदोलन कर सकते हैं।
आर्य समाज मंदिर में इस धरने-प्रदर्शन के लिए कैथल जिले के समाज के लोगों की बैठक को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा कि जाट कौम ने देश के लिए पहले मुगलों व बाद में अंग्रेजों से मुकाबला किया। अब उसी जाट कौम पर अत्याचार किया जा रहा है। सरकार ने मृतकों को नौकरी व दस लाख रुपये देने का वायदा किया था, लेकिन समाज के 18 युवकों की शहादत के बावजूद सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं आरक्षण के लिए अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जा रहा।
समाज के बेकसूर लोगों पर मुकदमे दर्ज कर जातिगत भेदभाव के तहत निर्दोष युवकों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में 21 नौजवान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं। कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर फूट डालो राज करो की नीति अपनाते हुए जाटों के साथ अन्याय किया जा रहा है। जिन अधिकारियों ने रोहतक में 13 लोगों की हत्या की, वे कुर्सी पर हैं। रोहतक में भी ऐसा ही हुआ। अपने लोगों को मरते देख जब लोग डंडे लेकर आए तो उनके फोटो खींच कर उन्हें आरोपी बनाया जा रहा है। इस साजिश के पीछे कोई जाति नहीं थी। बल्कि यह राजनीतिक साजिश थी। जिसका पर्दाफाश करने के लिए 10 मई की बैठक बुलाई गई है। आंदोलनों में भाग लेने वालों को यदि जेल जाना पड़े तो आज पूरा का पूरा मंत्री मंडल जेल में होगा।
क्योंकि सभी नेताओं ने कभी न कभी आंदोलनों में भाग लिया है। समाज के लोगों ने 19 फरवरी तक शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। लेकिन जब उन पर हमला किया गया, महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ी गईं। जो कुछ हुआ, उसके बाद हुआ। समाज को एकता का संदेश देते हुए मलिक ने कहा कि आरक्षण समिति के नाम पर जिलास्तर व अन्य स्तर पर गठित कमेटियों के साथ-साथ एकजुट रहें। खापें भी उनके साथ हैं। जाटों को आरक्षण मिलेगा तो पूरे देश में 800 जातियों को भी केंद्र में आरक्षण का रास्ता साफ होगा। इसीलिए 10 मई को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहुंचे।