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जाट आंदोलन: 21 जिलों की ग्राउंड रिपोर्ट, कितने सुधरे हालात?

Wed, 24 Feb 2016 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की ओर से कमेटी बनाने और राज्य सरकार की ओर से ठोस आश्वासन के बावजूद सोमवार को हरियाणा के अधिकांश जिलों में हालात सामान्य नहीं हो सके। सोनीपत में फायरिंग हुई, वहीं कुछ जिलों में आगजनी, हिंसा की घटनाएं होती रहीं। अब भी आवाजाही पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सकी है। मूनक नहर से दिल्ली की जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
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उधर, हरियाणा की आग नहीं बुझी जबकि राजस्थान के भरतपुर में जाट भड़क उठे। बसों को आग के हवाले कर दिया और रेल पटरियां उखाड़ फेंकी। हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, मेरठ, मथुरा में जाटों ने पंचायत कर हर हाल में आरक्षण की वकालत की। हरियाणा के 21 जिलों का हाल बता रहे हैं अमर उजाला के 21 संवाददाता।

रोहतक : तनावपूर्ण शांति के बीच सड़क-रेल यातायात ठप रहा

रोहतक। जिले में तनावपूर्ण शांति है। रोहतक से निकलने वाले किसी भी मार्ग को अब तक पूरी तरह नहीं खोला गया है। रेल और रोड यातायात लगातार नौवें दिन ठप है। सेना और पुलिस ने दिन में कई बार फ्लैग मार्च किया और लोगों से भयभीत नहीं होने की अपील करती रही। सोमवार को सड़कों पर आए लोग सहमे हुए नजर आए। शहर में तेल, फल-दूध व सब्जियों की भारी किल्लत है।

महम कस्बे में रविवार रात उपद्रवियों ने एसडीएम की गाड़ी फूंक दी। एनएच-10 पर सांपला और इससे आगे अभी भी जाम लगा है। रोहतक-दिल्ली, रोहतक-जींद और हिसार व पानीपत ट्रैक पर रेलों का आवागमन ठप है। रोहतक शहर में उपद्रवियों ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कई मार्केट पूरी तरह से खाक हो चुके हैं। पूरे शहर में तबाही का मंजर है।
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जींद : शहीद को सम्मान मिला, लेकिन अधिकांश रास्ते बंद
जींद। शहर में फिलहाल तनावपूर्ण शांति रही। शहीद कैप्टन पवन के सम्मान में आंदोलनकारियों ने कैथल मार्ग खोल दिया हालांकि इसके फिर से बंद होने के आसार हैं। जींद में कुछ लोगों ने पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबे पूरे नहीं होने दिए। जिले से निकलने वाले कुछ मार्ग खुल चुके हैं लेकिन अधिकतर बंद हैं।

रविवार देर रात सेना ने जो मार्ग खुलवाए थे, उनको आंदोलनकारियों ने पेड़ गिराकर फिर से बंद कर दिया। सफीदों में रविवार को मारे गए युवक के शव के साथ पुलिस थाने में सैकड़ों लोग जमे हुए हैं। पिल्लूखेड़ा में दो करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप तीन हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

पानीपत : हालात सामान्य होते ही बंद हुआ इसराना बाजार

पानीपत। जाट आरक्षण आंदोलन के बीच जीटी रोड का यातायात कुछ सामान्य हुआ, लेकिन सोनीपत में जाम लगाने के चलते दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक को पानीपत-हरिद्वार मार्ग से गुजारना पड़ा। आंदोलनकारियों ने एनएच-71-ए पर गांव नौल्था में एक बार फिर से जाम लगा दिया। वहीं पानीपत बाजार कुछ सामान्य हुआ, लेकिन इसराना बाजार फिर से बंद हो गया। आंदोलनकारियों ने सिवाह गांव में भी जीटी रोड को जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस व सेना ने इन्हें खदेड़ दिया। तीन दिन से कारोबार ठप होने से औद्योगिक नगरी को करीब 13 सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रेल यातायात अब भी ठप है। व्यापारियों में भय का माहौल बना है।

यमुनानगर : कई रूटों पर बसें नहीं चलाई गईं, नुकसान बढ़ा
रोडवेज सेवा पूरी तरह से पटरी पर नहीं उतर पाई है। सोमवार को अंबाला-करनाल समेत आसपास के छोटे रूटों पर बसें जरूर चलीं, लेकिन रोडवेज की ओर से दिल्ली, पानीपत व सोनीपत जैसे कई रूट पर बसें नहीं चलाई गईं। आंदोलन के चलते लगातार तीसरे दिन सेवा प्रभावित होने से रोडवेज के नुकसान का आंकड़ा करीब 30 लाख तक पहुंच गया। लंबे रूट की बसे न मिलने पर यात्रियों को मजबूरन रेलवे स्टेशन पहुंच ट्रेन पकड़नी पड़ी। दिल्ली की तरफ के सभी 35 रूट रहे बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

करनाल : हालात सामान्य लेकिन रेल-रोडवेज सेवाएं बंद
करनाल। सोमवार को जिले में हालत सामान्य रहे लेकिन ट्रेनें और रोडवेज की बस सेवाएं बंद रहीं। चिड़ाव मोड़ पर जाम लगाकर विरोध जता रहे प्रदर्शनकारियों ने देर रात बाइक जलाईं और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और चार को गिरफ्तार कर लिया। आंदोलन से जिले में रेलवे को 50 लाख रुपये और रोडवेज को करीब 27 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

रेवाड़ी : बंद रहा सड़क मार्ग, राणौली में कब्जा बरकरार

जाटों को आरक्षण देने की मांग मानने के बावजूद रेवाड़ी जंक्शन के साथ झज्जर-रोहतक मार्ग सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा। बावल के जाटों द्वारा एनएच-8 खाली करने के बाद राणौली में ट्रैक पर कब्जा बरकरार है, लेकिन शनिवार देर शाम सुलखा, सुठानी, पटौदी रोड़, रोहड़ाई एवं गंगायचा टोल से जाम हटा दिया गया था, जिसके चलते रोडवेज बसों का संचालन झज्जर-रोहतक मार्ग पर छोड़कर सभी जगह शुरू हो गया है। जिले में अभी रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद है। शाम को दिल्ली-रेवाड़ी-बीकानेर ट्रैक खुलने की सूचना थी।

झज्जर : जाटों और गैर-जाटों के बीच तनावपूर्ण हालात जारी
झज्जर। जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, हालांकि सोमवार को कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रविवार को छावनी मोहल्ले में जातीय हिंसा में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो गई थी, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़कर नौ होने की सूचना है।
जाटों और गैरजाटों के बीच अभी भी तनाव के हालात हैं। दोनों पक्षों में टकराव रोकने के लिए सेना और पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। शहर के सरकारी कार्यालय और जगह-जगह जले वाहन उपद्रव से बर्बादी की कहानी बयां कर रहे हैं। बहादुरगढ़-गुड़गांव को छोड़कर फिलहाल सभी रास्ते बंद है और ट्रेन सेवा भी बाधित है।

महेंद्रगढ़ : छह स्थानों पर आंदोलनकारियों का जाम
महेंद्रगढ़। जिले में जाट आरक्षण आंदोलन का असर ज्यादा नहीं दिखा। जिले में छह जगहों पर आंदोलनकारियों ने जाम लगाया हुआ था। इनमें नारनौल के नांगल चौधरी, निजामपुर व गहली के अलावा महेंद्रगढ़ में सतनाली, उन्हाणी व चेलावास शामिल रहे।
रविवार रात सभी जगह से जाम खुल गए और यातायात सामान्य हो गया। जिले में लगे जाम के कारण नारनौल व महेंद्रगढ़ शहर में दुकानदारी पर आंशिक असर पड़ा। ट्रक आदि न आने के कारण पेट्रोल पंपों की सेल पर असर पड़ा।

सोनीपत : सेना-उपद्रवियों के बीच टकराव, तनाव बरकरार

सोनीपत। जिले में तनावपूर्ण हालात बने हैं। जीटी रोड खुलवाने को लेकर सेना व उपद्रवियों में टकराव हुआ। इसके बाद सेना को गोली चलानी पड़ी। चार लोग हताहत हुए हैं, जिनमें से दो के शव मिल चुके हैं। नौ घायलों को गन्नौर में भर्ती करवाया गया है।

आंदोलन के दौरान दो दिन से लापता एक युवक का शव गोहाना में मिला। उपद्रवियों ने 50 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन चौथे दिन भी बंद रही। गोहाना, खरखौदा व सोनीपत शहर में खौफ का माहौल है, हालांकि यहां हिंसक घटना नहीं हुई। गोहाना में बीते तीन दिनों में हुए उत्पात से 50 से अधिक दुकानें जला दी गई हैं।

हिसार:हांसी में उपद्रव-आग के बीच देखते ही गोली मारने के आदेश
हिसार। जिले के अधिकांश इलाकों में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। हांसी में तीसरे दिन भी जमकर उपद्रव हुआ। उपद्रवियों ने एक वाहन शोरूम में आग लगा दी। जातीय हिंसा में एक व्यक्ति गंभीर घायल है। हांसी में हालत तनावपूर्ण देखते हुए सैनीपुरा, सिसाय, ढाणी पाल में कर्फ्यू लगा दिया गया। यहां दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं।

हांसी में रविवार देर रात एक स्कूल परिसर में खड़ी बसों को आग के हवाले कर दफ्तर में आग लगा दी। हिसार शहर में दोपहर बाद पड़ाव क्षेत्र में गैर जाट आंदोलनकारियों की भीड़ जमा होने से हालत तनाव पूर्ण बन गए। रामायण गांव में आंदोलनकारी नेशनल हाई-वे से हटने को राजी हो गए, लेकिन रेलवे ट्रैक खाली करने से इंकार कर दिया।
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फतेहाबाद : आंदोलन की आग फिलहाल बुझी नहीं, सड़कें जाम
फतेहाबाद। जिले में अभी तक जाट आंदोलन की आग बुझी नहीं है। भूना और टोहाना के आधा दर्जन से अधिक गांवों में अभी भी सड़कें जाम हैं। आंदोलनकारियों को मनाने पहुंचे प्रशासनिक एवं सेना के अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया गया।

भूना के ढाणी गोपाल, जांडलीकलां, नहला और लहरियां में जाट आंदोलनकारियों ने जाम कायम रखा है तो टोहाना के गांव डांगरा, समैण, कन्हेड़ी में भी जाट प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। टोहाना के कालवन और भट्टू में रेलवे ट्रैक अभी भी जाटों के कब्जे में है।

शहरों में आम जनजीवन सामान्य है। फतेहाबाद में शांति कमेटी ने शांति मार्च निकाला। टोहाना शहर में भी स्थिति सामान्य है लेकिन जाट आंदोलन प्रभावित गांवों में जरूर तनाव बना हुआ है।

सिरसा : रेल-सड़क यातायात ठप, लेकिन कोई हिंसा नहीं

सिरसा। जिले में सोमवार सुबह सभी मार्गों को खोल दिया गया। आंदोलन के चलते सिरसा में किसी प्रकार हिंसक घटना नहीं हुई। आंदोलन को लेकर न तो जाट समाज के और न ही दूसरे अन्य समाज के लोगों ने तनाव का माहौल बनने दिया। अभी भी रेल और रोड यातायात ठप है। रोडवेज को इससे 50 लाख रेल को प्रतिदिन 10 लाख रुपये का घाटा हुआ।

कैथल: सुधरने के बजाय बिगड़े हालात, कर्फ्यू लगाया गया
कैथल। शहर में हालात सुधरने की बजाए सोमवार को और बिगड़ गए। रात को कैथल शहर में सैनी समाज के लोगों की दुकानों को जला दिया गया, वहीं दिन में पद्मा सिटी मॉल में तोड़फोड़ के बाद फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की चुप्पी के कारण कैथल व पूंडरी में लोगों का गुस्सा प्रदर्शन के रूप में फूटा।
शहर में माहौल तनावपूर्ण है तथा डरे-सहमे घरों में दुबके हुए हैं। उपद्रवियों ने करनाल रोड पर एसपी आवास के पास दुकान को जला दिया। उपद्रवियों ने ढांड रोड पर स्थित भाजपा नेता संजय भारद्वाज के प्रतिष्ठान को आग के हवाले कर दिया।
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अंबाला : पटरी पर नहीं लौटी जिंदगी, दहशत बरकरार
अंबाला। जिले में फिलहाल जाम कहीं नहीं है, लेकिन दहशत बरकरार है। बंद के कारण ठप हुई जिंदगी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौटी है। रेलवे और रोडवेज ने फिलहाल कुछेक ट्रेनों और बसों को बहाल करने का फैसला लिया है।
अंबाला रोडवेज की तमाम बसें, वर्कशाप और पुलिस लाइन मैदान में ही खड़ी हैं। अंबाला, चंडीगढ़ और पंजाब के शहरों का दिल्ली से अभी भी संपर्क कटा है। सैकड़ों लोग पिछले दो दिन से अंबाला में ही फंसे है, जबकि अनेक लोग चंडीगढ़ और पंजाब लौट गए। रेलवे की अधिकतर ट्रेनें अभी भी रद्द हैं और केवल पंजाब और जम्मू रूट पर ही बसों का संचालन जारी है।
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भिवानी : आंदोलनकारी हटे अवरोधक नहीं,  ट्रैफिक बहाली में दिक्कत
भिवानी। जिले के अलावा तोशाम, लोहारू, बाढड़ा व बवानीखेड़ा क्षेत्रों में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही हैं। इन इलाकों के करीब 20 जगहों से प्रदर्शनकारियों ने रास्ता तो खाली कर दिया, लेकिन ज्यादातर मार्गों से अवरोधक न हटने की वजह से यातायात बहाल नहीं हो सका। चरखी दादरी शहर में आंदोलकारी अब भी रोड पर जमे हुए हैं।
लोहारू रोड, दिल्ली रोड व रावलधी टी प्वाइंट मार्ग बाधित हैं। फतेहगढ़ के पास आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर जमे हुए हैं। आंदोलन के नरम पड़ने के बावजूद रोडवेज बस और ट्रेन नहीं चल पाई। बीती रात से एक-दो घटनाओं को छोड़कर जिलेभर में हालात शांत रहे। शहर के सराय चौपटा स्थित पूर्व सीएम बंसीलाल की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने खंडित कर दिया। चरखी दादरी में रावलधी-दिल्ली बाईपास पर उपद्रवियों ने एक ट्रक और रानीला में एक कार को आग के हवाले कर दिया।

कुरुक्षेत्र : हालात सामान्य रहे, लोगों ने ली राहत की सांस

कुरुक्षेत्र। शहर में पिछले चार दिनों तक जाम में फंसे रहे लोगों ने सोमवार को राहत की सांस ली। जाम से मुक्ति मिलने के बाद दिनचर्या फिर से सामान्य होने लगी तो सड़कों पर चहल पहल भी बढ़ी।

पुलिस प्रशासन दिन भर नगर व आसपास के क्षेत्र में निगरानी बनाए रहा। जाम लगाने वाले जाट समुदाय के लोगों से लेकर छात्रों की गतिविधियों पर नजरें रही तो वही जाट समुदाय के लोग किसी भी प्रकार से जाम व प्रदर्शन न करने का आश्वासन देते रहे। रोडवेज प्रशासन ने अभी रोहतक, सिरसा व हिसार के लिए बसें नहीं भेजी है। कैथल में बसें नहीं गई, वहीं कुरुक्षेत्र के लगभग सभी रूटों पर बसें दिखाई दी। फिलहाल रेल सेवा सामान्य नहीं हो पाई है। पिछले दो दिन से हाइवे नं 65 पर लगाया गया जाम खोल दिया गया है।

गुड़गांव : थमी रही रफ्तार, 1200 करोड़ से अधिक का नुकसान
गुड़गांव। शुक्रवार से रविवार तक चले इस आंदोलन के चलते मारुति, होंडा समेत सभी उद्योगों में कामकाज ठप रहा और करीब 1200 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। तीन दिनों तक शहर के बंधक बने रहने से सोमवार को भी लोग सहमे रहे। हालांकि बाजार खुले, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में आवाजाही काफी कम देखी गई।
सड़क और रेल मार्ग पूरी तरह नहीं खुले इसलिए आवाजाही भी धीमी ही रही। जरूरी सामान की खरीददारी के लिए लोग बाजारों में आए, लेकिन बड़ी ही शांति के साथ सामान खरीदकर सीधे घरों का रुख कर गए। कहीं भी घूमने या अन्य कामकाम निपटाने में लोगों की रुचि नहीं रही। इससे पहले तीन दिनों तक जाट आंदोलन से पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे।

फरीदाबाद : हिंसा नहीं, लेकिन भारी नुकसान

फरीदाबाद। 15 फरवरी से चल रहे जाट आंदोलन के चलते यहां किसी प्रकार की हिंसा अथवा सार्वजनिक संपत्ति को सीधे तौर पर नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया लेकिन आंदोलन के कारण रेलवे, रोडवेज, उद्योग व ट्रांसपोर्ट जरूर प्रभावित हुए और उन्हें भारी नुकसान भी हुआ।

रोडवेज सेवा: बल्लभगढ़ डिपो से हिसार, रोहतक, भिवानी, जींद, हांसी, बहादुरगढ़, सिरसा व कैथल रूट पर चलने वाली करीब 25 बसों से डिपो को रोजाना 3 लाख रुपये की आमदनी होती है। ये सभी बसें 15 फरवरी से बंद हैं। छह दिन से में करीब 18 लाख रुपये  का राजस्व नुकसान हुआ है।
रेल सेवा : प्रतिदिन 46 अप-डाउन शटल गाड़ियां ओल्ड, बल्लभगढ़ होते हुए पलवल तक जाती हैं। 30 अप-डाउन एक्सप्रेस ट्रेन बल्लभगढ़ और 55 अप-डाउन एक्सप्रेस ट्रेनें फरीदाबाद रुक कर चलती हैं। अधिकारियों के मुताबिक एक दिन में करीब 13 से 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

ट्रांसपोर्ट : यहां से करीब 5000 व्यावसायिक वाहन प्रदेश के कई हिस्सों में भेजे गए हैं। वे वाहन अभी तक वापस नहीं आ पाए हैं। फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव सुभाष कौशिक के मुताबिक जाट आंदोलन के चलते करीब 12 से 14 करोड़ का नुकसान हुआ है।

औद्योगिक क्षेत्र : शहर में छोटे-बड़े  करीब 15 हजार उद्योग संचालित हो रहे हैं। पिछले छह दिनों से कच्चे माल की कमी के साथ-साथ उत्पाद भी बाहर नहीं भेजे जा रहे हैं। आंदोलन से उद्योगों को 300 करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।
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पंचकूला : सीएम के आश्वासन के बाद भी हालात सामान्य नहीं

पंचकूला। पिछले दिनों जाट आरक्षण को लेकर जो हालात पैदा हुए उनसे पंचकूला बुरी तरह प्रभावित रहा, लेकिन सीएम के आश्वासन के बाद सोमवार को हालात सामान्य रहे। हालांकि माल की ढुलाई और स्कूल-कॉलेजों में आवाजाही पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई। वैसे बाजार खुलने से लोगों को काफी राहत मिली और आवश्यक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त सामान्य रूप से हुई।

पुलिस ने भी शहर में कई जगह नाके लगाए। पार्कों में आम दिनों की तरह लोगों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, लेकिन कुछेक युवा छोटे-छोटे झुंडों में यहां जरूर दिखाई दिए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला की 21 फरवरी को सेक्टर 12 में होने वाली जन आक्रोश जनसभा को जाट आंदोलन के चलते स्थगित करना पड़ा।

पलवल-
आंदोलन को लेकर सोमवार को दिन भर यहां असमंजस की स्थिति बनी रही। पलवल से लेकर होडल तक कहीं भी दिन भर कोई विरोध प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी या धरना-प्रदर्शन नहीं हुए।  यहां के आंदोलनकारी लगातार आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के संपर्क में रहे और शाम पांच बजे विधिवत आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
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मेवात
मेवात में  जाट आंदोलन के नाम पर सांकेतिक विरोध तो जताया गया लेकिन रोज की तरह स्थिति बिल्कुल सामान्य रही। न ट्रैफिक जाम, न हिंसा, न आगजनी, न ही धरना-प्रदर्शन। यहां जाटों की संख्या भी कम है। इसलिए आंदोलन का स्थानीय असर नहीं दिखा। अलबत्ता दूसरों जिलों के आंदोलन के चलते यहां से बाहर की आवाजाही से लेकर कामकाज और कारोबार तक प्रभावित रहे।
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