फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएएस बनाम आईपीएस: गृह मंत्री अनिल विज की आपत्ति दरकिनार, सीएम ने आईपीएस कला रामचंद्रन को सौंपी परिवहन विभाग की कमान

Mon, 06 Sep 2021 02:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आईपीएस अधिकारी कला रामचंद्रन को परिवहन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त कर दिया है। इससे पहले शत्रुजीत कपूर के हाथों में परिवहन विभाग की कमान थी। गृह मंत्री अनिल विज की आपत्ति को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आईएएस काडर पोस्ट पर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति कर दी है।
विज्ञापन
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज की आपत्ति को दरकिनार कर आईएएस लॉबी को झटका देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परिवहन विभाग की कमान आईपीएस अधिकारी को सौंप दी है। सीएम ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करते हुए महिला आईपीएस कला रामचंद्रन को परिवहन विभाग का प्रमुख सचिव बना दिया है। इससे पहले विजिलेंस के डीजी शत्रुजीत कपूर के हाथ में परिवहन विभाग की कमान थी। 

विज्ञापन


सूबे की आईएएस लॉबी ने भी इस काडर पोस्ट को हथियाने के लिए पूरा जोर लगाया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। आईएएस लॉबी में सरकार के निर्णय से रोष है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने गृह सचिव से सीधे फाइल मंगवा कर ऑर्डर किए हैं। दो दिन पूर्व इस मामले में अनिल विज ने फाइल पर आपत्ति जताई थी।

उन्होंने फाइल पर यह लिख दिया था कि इस मामले में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की अनुमति जरूरी है। डीओपीटी के आदेश का हवाला देते हुए कला रामचंद्रन को रिलीव करने से इनकार कर दिया था। मामला मीडिया में आया उसके बाद आईपीएस लॉबी को इस बात पर झटका लगा लेकिन आज इस मामले में अंतिम आदेश हो गए हैं।
विज्ञापन


यह है असल मामला
विज का शुरुआत से स्टैंड रहा है कि जो अधिकारी पुलिसिंग के अलावा दूसरे कार्यों में लगे हैं, उन्हें उनके मूल काडर में वापस लाकर पुलिसिंग का काम करवाया जाए। प्रदेश की आईएएस लॉबी भी चाहती है कि आईएएस की काडर पोस्ट पर किसी आईपीएस को न लगाया जाए लेकिन खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इस प्रकरण में डीओपीटी को अपनी आपत्ति लिखित में दर्ज करवाने वाले आईएएस अशोक खेमका पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने अपना विरोध कागज पर दर्ज किया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें