चंडीगढ़। बचपन के प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता के सुधार के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग की ओर से किलकारी प्रोजेक्ट एनजीओ अर्पण ट्रस्ट और कच्ची सड़क फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है। इस पहल के तहत इंजीनियर युवा शिक्षकों को बच्चों को प्ले-वे मैथेड में पढ़ाने की ट्रेनिंग देंगे।
पूर्व शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि शहर के सरकारी स्कूलों में लगभग पिछले पांच वर्ष से कच्ची सड़क फाउंडेशन के सदस्य और युवा इंजीनियर तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को कलात्मक तरीके से पढ़ाने में मदद कर रहे थे। जब धनास में प्राइमरी स्कूल शुरू किया गया तो फाउंडेशन के सदस्यों ने प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के बच्चों के लिए खेल-खेल में पढ़ाने करवाने का प्रस्ताव रखा। इसलिए फाउंडेशन के सहयोग से नई शिक्षा निति के आधार पर बच्चों केलिए इनडोर और आउटडोर कक्षाओं में खेल आधारित शिक्षा का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने किया, उनके साथ पूर्व शिक्षा निदेशक आरएस बराड़ भी मौजूद रहेंगे।
दिवाली के बाद सरकारी स्कूल के शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
कच्ची सड़क फाउंडेशन के सदस्य खेल-खेल में शिक्षा प्रोजेक्ट किलकारी के तहत शहर के सभी सरकारी स्कूल के शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। प्रोजेक्ट के तहत इनडोर कक्षाओं में दीवारों पर नीचे ही व्हाइट और ब्लैक बोर्ड लगाए गए हैं, जहां बच्चे अपने मन अनुसार कलाकृतियां बनाकर फाइन आर्ट की शिक्षा लेंगे। पिक्टोरल किताबें रखी गई है, इसमें फोटो देखकर बच्चे एक-दूसरे को कहानियां सुनाएंगे। एक कॉर्नर में पपेट रखी गई है, जिनके ऊपर बच्चे अपनी कहानियां बनाएंगे। आउटडोर शिक्षा में बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य को दुरुस्त करने के लिए बैलेंस गेम बनाए गए हैं। किचन गार्डन बनाया गया है, जहां बच्चों को खेती सिखाएगी जाएगी।