कोरोना महामारी के दौर में फेफड़ों के साथ हृदय पर भी खतरा मंडराने लगा है। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली और खान-पान पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। क्योंकि फेफड़े के मर्ज ने हृदय को कमजोर करने का काम तेजी से किया है।
ऐसा भोजन लें
दैनिक आहार में सब्जियों (200 ग्राम), फल (200 ग्राम), अनाज और फाइबर (20 ग्राम/डी) का सेवन बढ़ाएं। नमक का सेवन 5 होना चाहिए। उच्च संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ लाल मांस, डेयरी उत्पाद, नारियल और ताड़ के तेल, उच्च ट्रांस-फैट सामग्री जैसे डीप-फ्राइड फास्ट फूड, बेकरी उत्पाद, पैकेज्ड स्नैक फूड से बचना चाहिए।
ये लक्षण हैं खतरनाक
छाती में दर्द, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ, गर्दन, जबड़े, गले, पेट, पैर या बाजुओं में दर्द, दिल की धड़कन का अचानक धीमा या तेज होना, पैरों या भुजाओं में सुन्नपन, चक्कर आना या बेहोशी और थकान।
पीजीआई करेगा जागरूक
विश्व हृदय दिवस पर पीजीआई की ओर से जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। एडवांस कॉर्डियक सेंटर के प्रमुख प्रो. यशपाल शर्मा ने बताया कि 29 सितंबर को संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें हृदय रोग के रोगियों के प्रबंधन के लिए डिजिटल तकनीक और टेलीमेडिसिन/टेलीकार्डियोलॉजी का उपयोग करने के लिए हार्ट टू कनेक्ट/कनेक्ट टू प्रोटेक्ट का उपयोग करने की जानकारी दी जाएगी। क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
कोविड काल में हृदय रोगियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए पीजीआई ने टेलीकंसल्टेशन के साथ ही हेल्पलाइन के जरिए उन्हें परामर्श देने का कार्य जारी रखा। महामारी के बीच हृदय संबंधी मर्ज तेजी से बढ़ा है। जरूरी है कि अपने दिल को मजबूत बनाने के लिए उचित दिशा निर्देशों का पालन किया जाए। -प्रो. यशपाल शर्मा, प्रमुख, पीजीआई एडवांस कॉर्डियक सेंटर