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पंजाब सीएम का एलान: केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस ले, वरना विधानसभा में रद्द कर देंगे

Wed, 29 Sep 2021 03:12 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो पैदल या साइकिल से दिल्ली तक विशाल मार्च निकालेंगे। उन्होंने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की बात भी कही।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से तीन कृषि कानून वापस लेने की अपील की और कहा है कि अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी तो विधानसभा का सत्र बुलाकर तीनों कानून रद्द कर देंगे। मुख्यमंत्री दफ्तर में आयोजित प्रेस वार्ता में चन्नी ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कृषि कानून रद्द करने के लिए कहा था लेकिन उस दौरान मंत्रिमंडल ने उनको (कैप्टन) कोई भी कदम उठाने के लिए अधिकृत कर दिया था। कैप्टन ने इन कठोर कृषि कानूनों को रद्द करने के बजाय संशोधित विधेयक लाने का रास्ता चुना था।

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चन्नी ने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से गांव गांव में घूम रहा हूं। किसानों और मजदूरों की हालत देखी नहीं जा रही है। किसानों के पास जो कुछ भी बचा है, वह भी केंद्र सरकार छीनने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर की तरह राज्य में बेचैनी पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि देश हित में किसानों के चल रहे संघर्ष का हल जल्द किया जाना चाहिए। अगर केंद्र सरकार इन कानूनों को रद्द करने की मांग को तुरंत स्वीकार नहीं करती तो वह इस मुद्दे पर पैदल या साइकिल पर दिल्ली की ओर विशाल मार्च निकालने का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार बड़े कारपोरेट घरानों के कर्ज माफ कर सकती है तो गरीब और जरूरतमंद किसानों के कर्ज माफ करने से उन्हें कौन रोकता है? पंजाब में पहले से किसानों पर एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। राज्य सरकार ने पहले ही छोटे और सीमांत किसानों को दो लाख रुपये तक की राहत प्रदान की है और अब खेत मजदूरों को भी अपने संसाधनों में से 25 हजार तक की राहत दी जा रही है। जबकि यह भार केंद्र सरकार को उठाना चाहिए था।

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