हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआई में छात्र बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं। अब इन छात्रों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का साथ मिल गया है। बुधवार को आईएमए ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हरियाणा में विरोध कर रहे डॉक्टरों के साथ आईएमए खड़ा है और राज्य की कठोर और दमनकारी कार्यों की निंदा करता है। एसोसिएशन ने हरियाणा के सीएम से मांगों पर विचार करने और बॉन्ड पॉलिसी को समाप्त या संशोधित करने का अनुरोध किया है।
उधर, धरनारत एमबीबीएस विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार ने नई पॉलिसी जारी करते हुए अब विद्यार्थियों से 10 लाख रुपये प्रवेश के समय नहीं, बाद में लेने का दावा किया है। यही नहीं, प्रदेश का इकलौता एडेड अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भी पॉलिसी के दायरे में आ गया है। अब से यहां दो लाख रुपये में एमबीबीएस नहीं होगी। इसके लिए अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तरह 40 लाख रुपये ही लगेंगे।
एमबीबीएस छात्र अक्षत मित्तल, गौरव, प्रिया कौशिक व उमंग ने कहा कि सरकार ने नई बॉन्ड पॉलिसी जारी की है। इसमें भी वही खेल है। नई पॉलिसी में बॉन्ड की राशि पहले के बजाय बाद में देने की बात कही गई है। पॉलिसी के तहत 40 लाख रुपये लिए जाएंगे। यह राशि कब ली जाएगी, यह भी स्पष्ट नहीं है।