हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अब ड्रोन के जरिये अवैध कब्जों को नियंत्रित किया जा सकेगा। बिना योजना हो रहे निर्माण पर अंकुश लगाएंगे। इमेज एनालिसिस के लिए सूचना एकत्र की जा सकेगी। ड्रोन व्यवस्था से कई तरह की समस्याओं का निवारण होगा।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में ड्रोन इमेजिंग एंड इंर्फोमेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृष्या) के निदेशक मंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में 25 एजेंडों को मंजूरी के साथ ड्रोन पायलट के प्रशिक्षण के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने की अनुमति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सर्वे, गिरदावरी तथा इमेजिंग के कार्य को तत्परता से निपटाने के लिए ड्रोन इमेजिंग एंड इंर्फोमेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड का गठन किया गया है। अब हरियाणा में हर वर्ष मैनुअल किए जाने वाले सर्वे के कार्यों में आने वाली दिक्कतें दूर हो सकेंगी और सर्वे वैज्ञानिक तरीके से होंगे। मैनुअल सर्वे में काफी समय व धन लगता है और अधिक मानव शक्ति का भी प्रयोग करना पड़ता है।
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इसका उपयोग राजस्व के अलावा खनन, वन, यातायात, नगर एवं योजना विभाग, कृषि आदि विभागों में किया जा सकेगा। कंपनी का मुख्यालय करनाल में बनाया गया है और यह कंपनी ड्रोन की खरीद करने के लिए नोडल एजेंसी होगी। इससे मैपिंग, भूमि रिकॉर्ड, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाएं, शहरी क्षेत्र में योजनागत विकास करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री को 'दृष्या’ का चेयरमैन मनोनीत किया गया है। मुख्य सचिव विजय वर्धन इसके वरिष्ठ वाइस चेयरमैन हैं। बोर्ड में 10 निदेशक नियुक्त किए गए हैं। टीएल सत्यप्रकाश को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व करनाल के डीसी निशांत यादव को अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।