डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा को हिरासत में लेती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी कांड के बाद पंजाब में सियासत गर्मा गई है। पूरे राज्य में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। उधर, यूपी सरकार ने पंजाब से आने वाले सभी नेताओं पर रोक लगा दी है। लखीमपुर के पीड़ितों से मिलने जा रहे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के हेलीकॉप्टर को उतरने की इजाजत नहीं दी। उसके बाद सड़क मार्ग से जा रहे उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को कई विधायकों के साथ सहारनपुर के पास उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
यह भी पढ़ें- लुधियाना: किसान ने फांसी लगा दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- लखीमपुर घटना को बर्दाश्त नहीं कर सका
रंधावा के साथ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान और विधायक कुलजीत सिंह नागरा और अन्य विधायक कुलबीर सिंह जीरा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, परमिंदर सिंह पिंकी, कुलदीप सिंह वैद और अंगद सिंह सैनी को हिरासत में लेकर सरसावा पुलिस थाने में रखा गया है। उपमुख्यमंत्री और विधायक पीड़ित परिवारों से मिलने और मौके की स्थिति का जायजा लेने जाना चाहते थे।
इससे पहले सोमवार सुबह चन्नी व डिप्टी सीएम को हवाई मार्ग से लखीमपुर खीरी जाना था। इस संबंध में पंजाब के नागरिक उड्डयन निदेशक ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री चन्नी का हेलीकॉप्टर लखीमपुर में उतारने की अनुमति का आग्रह किया।
पत्र के जवाब में यूपी सरकार के गृह सचिव ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटनाओं को देखते जिले में धारा 144 लगा दी गई है। स्थिति तनावपूर्ण है। ऐसी स्थिति में सीएम के हेलीकॉप्टर को उतारने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उसके बाद रंधावा के नेतृत्व में कई विधायकों ने सड़क मार्ग से लखीमपुर जाने का फैसला किया। जब वे हरियाणा-यूपी बार्डर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर रहे थे, तभी यूपी पुलिस ने सहारनपुर के पास सभी नेताओं को रोक लिया। गुस्साए कांग्रेस मंत्री व विधायक वहीं बैठ गए और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।