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कांग्रेस में बगावत: पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह बोले- सीएम चन्नी ने टिकट कटवाया, यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा

Thu, 27 Jan 2022 10:45 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, खरड़/कुराली/नयागांव (मोहाली)

सार

पंजाब कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह कंग ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर टिकट कटवाने का आरोप लगाया और बेटे को निर्दलीय चुनाव लड़ाने का एलान भी किया। उधर, यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल ने भी इस्तीफा दे दिया है। वह भी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
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पंजाब - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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विधानसभा हलका खरड़ में कांग्रेस की टिकट की घोषणा होने के साथ ही बगावत शुरू हो गई। इतना ही नहीं दो नेताओं समेत पूर्व मंत्री ने चुनाव मैदान में आजाद उतरने का फैसला लिया है। जिससे कांग्रेस प्रत्याशी के लिए राह थोड़ी मुश्किल गई है। इनमें पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन सिंह कंग एवं यूथ प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल शामिल हैं।

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पंजाब में 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव है। 31 जनवरी तक नामांकन दाखिल करना है। 25 जनवरी की रात को कांग्रेस ने दूसरी सूची में जिला योजना कमेटी के चेयरमैन व वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय शर्मा उर्फ टिंकू को चुनाव मैदान में उतार था। हलके से कांग्रेस पार्टी के टिकट के लिए करीब 35 लोगों ने अपनी दावेदारी ठोकी थी। 

प्रत्याशी की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता एवं तीन बार मंत्री रह चुके जगमोहन सिंह कंग ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है। वह इस बार खरड़ विधानसभा से अपने बेटे यादवेंद्र सिंह कंग को चुनाव लड़ाना चाहते थे। जगमोहन सिंह कंग ने प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एवं पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी पर टिकट कटवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चरणजीत सिंह चन्नी खरड़ विधानसभा में रहते हैं। उनके विजय शर्मा टिंकू के साथ व्यापारिक संबंध हैं। जिस कारण मुख्यमंत्री ने उनका टिकट कटवाकर विजय शर्मा टिंकू को दी है। अगर पार्टी ने टिकट पर पुनर्विचार नहीं किया तो मेरा बेटा यादवेंद्र सिंह कंग खरड़ विधानसभा हलके से आजाद चुनाव लड़ेगा।

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वहीं, पार्टी के यूथ विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल ने भी टिकट के लिए दावेदारी ठोकी थी। टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भी बगावत करते हुए उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और आजाद चुनाव लड़ने की घोषणा की है। जसविंदर सिंह गिल का कहना है कि वह पार्टी के साथ सेवा भाव से जुड़े थे। टिकट न मिलने पर उनका किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है लेकिन वह जनता की सेवा के लिए आजाद चुनाव लड़ेंगे और जीत कर जनता की सेवा करेंगे।

कंग पर यह चीजें भी पड़ गईं भारी
जगमोहन सिंह कंग बेशक कांग्रेस पार्टी के काफी पुराने नेता हैं। पिछले 45 साल से वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं। कांग्रेस पार्टी से कई बार विधायक रहने के साथ-साथ तीन बार सरकार में मंत्री भी रहे हैं लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कंवर संधू से हार का सामना करना पड़ा था। तब से ही कांग्रेस पार्टी एवं हलके में उनकी पकड़ कमजोर होती चली गई। इसके अलावा मोहाली जिले में सिर्फ दो नगर परिषद खरड़ एवं नयागांव जहां पर कांग्रेस अपना प्रधान नहीं बना पाई थी। यह दोनों ही परिषद खरड़ विधानसभा हलके के अंदर ही आती हैं। इससे भी जगमोहन सिंह की पकड़ कमजोर होती चली गई।
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