उन्होंने कहा कि 111 दिन में लोगों के लिए 22-22 घंटे तक काम किया है। संसद में भगवंत मान के तो साथी सांसद ने ही लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी सीट मान से बदलने की प्रार्थना की, क्योंकि मान से शराब की दुर्गंध आती थी। मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि 111 दिन के कार्यकाल में न वो खुद सोए और न किसी अधिकारी को सोने दिया। कोई भी कभी उन्हें मिल सकता था।
सीएम ने कहा कि मेरी सरकार ने बिजली बिलों का 1500 करोड़ रुपये का बकाया माफ किया, पानी के 1200 करोड़ रुपये को माफ किया गया है। पेट्रोल की कीमतें 10 रुपये कम किया। बिजली के रेट में सात किलो वाट वाले कनेक्शन में तीन रुपये प्रति यूनिट माफ कर लोगों को राहत दी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी बलविंदर सिंह धालीवाल व पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा कि वह अपनी नौकरी छोड़कर लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं। पिछले कार्यकाल में बेशक उन्हें बहुत कम समय मिला और बहुतायत समय कोरोना में गुजर गया फिर भी उन्होंने विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
नदारद रहा धालीवाल विरोधी धड़ा
कांग्रेस उम्मीदवार बलविंदर सिंह धालीवाल के विरोध में खड़ा और फगवाड़ा से उम्मीदवार बदलने की मांग करने वाले फगवाड़ा बचाओ मंच, जिसकी अगुवाई जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह राजू, वरिष्ठ कांग्रेसी हरजीत सिंह परमार, सतबीर सिंह साहबी के सभी सदस्य गैर हाजिर रहे। मुख्यमंत्री चन्नी का दौरा भी उनको एक करने में नाकामयाब रहा। जो आने वाले दिनों में धालीवाल के लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है। उनका विरोध दिन प्रतिदिन तीखा होता जा रहा है।