चंडीगढ़। शहर के मुद्दों के लिए केंद्रीय गृहमंत्री की सलाहकार समिति को एक बार फिर बनाने की तैयारी है। यूटी प्रशासन ने बुधवार को सलाहकार समिति का प्रारूप केंद्र को भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद सदस्यों को नामित किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर इस समिति का गठन किया गया था। समिति का मुख्य कार्य केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े चंडीगढ़ के कामों को हल कराना था। समिति की आखिरी बैठक वर्ष 2017 में हुई थी। समिति का कार्यकाल 3 साल का होता है, इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन पहले इस समिति को केंद्र सरकार से मंजूरी दिलाने का प्रयास कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद समिति के सदस्यों को नामित किया जाएगा। पिछले 4 साल में एक बार भी इस बैठक को नहीं बुलाई गई है।
यह पहली बार नहीं है, जब समिति की बैठकों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 2017 में पिछली बैठक लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद हुई थी। 2005 में 20 साल बाद बैठक हुई थी। हालांकि यह समिति चंडीगढ़ के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समिति का गठन इस उद्देश्य से किया गया था कि चंडीगढ़ के वह मुद्दे जो केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े हुए हैं, उन पर मंत्रालय के अधिकारियों व चंडीगढ़ प्रशासन के साथ सीधी चर्चा की जाए।
इस समिति में चंडीगढ़ के प्रशासक, सांसद, मेयर, प्रशासक के सलाहकार, विपक्ष के नेता समेत अन्य होते हैं। सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि बुधवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से मंजूरी मिलने के बाद समिति के प्रारूप को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब वहां से मंजूरी का इंतजार है।