15 सालों बाद लगे बुक फेयर का समापन हो गया। छह दिनों के फेयर में लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। लोगों के क्रेज को देखते हुए प्रशासन अगले साल भी बुक फेयर लगाने का प्रयास करेगा। समापन समारोह में उपायुक्त मोहम्मद शाइन मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि बुक फेयर को शहरवासियों ने काफी सराहा। अगले साल भी चंडीगढ़ में बुक फेयर लगाने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं में किताबों को लेकर खूब क्रेज था। बुक फेयर में साहित्य, धार्मिक, राजनीतिक, खेल व स्वास्थ्य से संबंधित किताबें दिखीं। बच्चों की पसंद की भी काफी किताबें यहां बिक रही थीं। बुक फेयर केआखिरी दिन जीसीजी-42 और जीसीजी-11 की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
बुक फेयर में 80 से ज्यादा प्रकाशकों ने भाग लिया था। इस अवसर पर एसडीएम (साउथ) कशिश मित्तल, डायरेक्टर हायर एजूकेशन और प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ढाई लाख पहुंचे मेले में
छह दिनों के बुक फेयर में करीब ढाई लाख लोगों ने विजिट की। आखिरी दिन के सर्वे के हिसाब से फेयर में 75 लाख से एक करोड़ रुपये तक किताबें बिकने का अनुमान है।
प्रियम को पहला पुरस्कार
बुक फेयर में मीडिया पार्टनर अमर उजाला ने विभिन्न प्रतियोगिताएं कराईं। इनमें सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। रेपिड फायर राउंड-1 में पहला पुरस्कार प्रियम कुकरेजा को मिला। सुरिंदर कुमार और पूर्णिमा क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। रेपिड फायर राउंड-2 में संदीप को पहला और प्रियंका को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। युवान क्विज कांटेस्ट में नदीम पहले, विशाल दूसरे, पंकज और मुनीष तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को पुरस्कार और प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिए गए।