पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़
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पंजाब से गुजरात में बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी के मामले में पुलिसवालों को बचाने के उच्चाधिकारियों के प्रयास पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर कदाचार का है और अधिकारियों से इस प्रकार के आचरण की उम्मीद नहीं की जाती। अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने महेंद्रगढ़ के एसपी को हाजिर रहने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए महेंद्रगढ़ निवासी अनिल ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत देने की अपील की थी। 20 जून 2023 को शराब की तस्करी व विभिन्न धाराओं में महेंद्रगढ़ के नारनौल में एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रक में भारी मात्रा में शराब पंजाब से गुजरात लेकर जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा और पाया कि इसे दो कार एस्कॉर्ट कर रही थीं। हैरानी की बात यह है कि इन कारों में चंडीगढ़ पुलिस के दो कर्मचारी मौजूद थे।
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच पर सवाल उठाए। इस पर सरकार ने बताया कि जांच अधिकारी ने टोल प्लाजा पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज प्राप्त नहीं की थी और ऐसे में उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में हमें लगता है कि उच्च अधिकारी पुलिसवालों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। टोल प्लाजा हाइवे पर सीसीटीवी की व्यवस्था रखते हैं। यह फुटेज एस्कॉर्ट करने वाले वाहनों को ट्रक से जोड़ने में बेहद मददगार सबूत साबित हो सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में महेंद्रगढ़ के एसपी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।