पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साढ़े तीन किलो अफीम केसाथ गिरफ्तार व्यक्ति की नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि नशे के सौदागरों को समाज में नहीं बल्कि सलाखों के पीछे होना चाहिए।
आरोप के अनुसार 13 सितंबर 2018 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर संगरूर में कार को रोका था। तलाशी में कार से तीन पैकेटों में करीब साढ़े तीन किलो अफीम थी। एनसीबी ने इसके बाद नशे की खेप को कब्जे में लेकर बलविंदर सिंह व हरजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से ही ट्रायल जारी है। अब बलविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नियमित जमानत देने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि नशे के सौदागरों को केवल अपने मुनाफे की फिक्र होती है और इसके लिए वह लोगों की जान से खेलने में भी नहीं हिचकिचाते। ऐसे लोगों को जमानत पर छोड़ा गया तो फिर से वह नशे के कारोबार से जुड़ कर लोगों को नशे का आदी बनाने में जुट जाएंगे। साथ ही कहा कि बड़ी मात्रा में नशा बरामद हुआ है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।