आवंटित प्लॉट के स्थान पर निर्माण न कर अन्य स्थान पर करने की दलील देते हुए हरियाणा सरकार द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर डिमार्केशन के आदेश का पालन न करना सरकार को भारी पड़ गया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए सरकार को दोषी अधिकारी से इसकी वसूली का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए गुरुग्राम निवासी हरचंद ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे प्लाट नंबर 627 आवंटित हुआ था। इसके बाद गुरुग्राम प्रशासन ने उसे नोटिस भेजते हुए कहा कि उसने प्लाट नंबर 629 पर निर्माण किया है और ऐसे में इसे गिराना होगा। याची ने कहा कि वह चाहता है कि दोबारा डिमार्केशन हो। यदि इसमें सामने आता है कि याची ने ऐसा किया है तो वह अपना निर्माण गिराने को तैयार है।
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हाईकोर्ट ने इस पर गुरुग्राम प्रशासन को भूमि का डिमार्केशन करने का आदेश दिया था। तीन सुनवाई बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा न होने पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना चाहता है। इसपर हरियाणा सरकार की ओर से इस मामले में कुछ समय दिए जाने की अपील की गई।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की अपील को मंजूर करते हुए उन्हें 23 नवंबर तक की मोहलत दे दी। हालांकि आदेश के पालन में देरी के चलते हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को यह राशि दोषी अधिकारी के वेतन से वसूल करने का आदेश दिया है।