चंडीगढ़। शहर के हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा और संरक्षण के लिए यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने फ्रांस की एक टीम के साथ बैठक की और योजना भी बनाई, लेकिन इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। विदेश में फर्नीचरों की नीलामी जारी है। शनिवार को नीलामी में शहर के पांच हेरिटेज आइटम्स करीब 1.38 करोड़ में बिके हैं। इसमें सबसे महंगी आठ कुर्सियां करीब 85.57 लाख रुपये में बिकी हैं। लाइब्रेरी टेबल 19.96 लाख रुपये, कॉफी टेबल 8.55 लाख, स्टूल 13.69 लाख, फाइल रेक स्टोरेज यूनिट 1.02 रुपये में बिका है। इसे लेकर शहर के एडवोकेट जग्गा ने राज्यसभा के महासचिव को शिकायत दी है।
कहा है कि इन आइटम्स को देश से बाहर भेजने के लिए जो दस्तावेज इस्तेमाल किए गए, उनकी जांच होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी नीलामी न हो, ये सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हेरिटेज फर्नीचर की संभाल न करने के चलते करोड़ों के राजस्व से हाथ धोना पड़ रहा है। हेरिटेज फर्नीचर की ऐसी सभी नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मध्य प्रदेश में एग्जीबिशन लगाई गई थी। इस एग्जीबिशन में वर्ष 2014 से लेकर 2022 तक देश में लाई गई 229 के करीब हेरिटेज आइटम्स को रखा गया था। इसी तरह हेरिटेज फर्नीचर के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।