पीजीआई के अलग-अलग विभाग बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए देश की शान माने जाते हैं। इसमें क्लीनिकल हिमोटोलॉजी आंकोलॉजी और बोनमैरो सेंटर के साथ ही एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर व हीपेटोलॉजी विभाग में हर साल लाखों मरीजों की जान बचाई जा रही है। इसके साथ ही रीजनल ट्रांसप्लांट सर्जरी, रूमैटोलॉजी व एडवांस आई सेंटर में देश के कोने-कोने से मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
आने वाले समय में बढ़ेगी और भी सुविधाएं
आने वाले एक से दो सालों में शहर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में आशातीत उपलब्धि हासिल करेगा। अकेले पीजीआई में कई बड़ी योजनाएं पूरी होने से मरीजों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी। इनमें 300 बेड का मदद एंड चाइल्ड केयर सेंटर, फिरोजपुर सैटेलाइट सेंटर, संगरूर सैटेलाइट सेंटर, ऊना सैटेलाइट सेंटर व हिमाचल और पंजाब में स्वीकृत तीन सैटेलाइट सेंटर शामिल हैं। पीजीआई में निर्माणाधीन 300 बेड के एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर की सुविधा 2022 में मिलने लगेगी। वहीं दूसरी तरफ जीएमसीएच- 32 में 300 बेड के ट्रामा सेंटर और 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का भी निर्माण दो से तीन साल के बीच पूरा कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण भी शीघ्र शुरू होने वाला है।
पीजीआई के साथ ही जीएमसीएच- 32 और जीएमएचएस-16 ने भी तरक्की की है। इसका लाभ शहर की जनता के साथ ही देश भर के रेफरल मरीजों को मिल रहा है। ऐसे में प्रशासक की ओर शहर के निजी अस्पतालों के विकास की ओर ध्यान देने के निर्देश से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही चंडीगढ़ मेडिकल हब के रूप में विकसित होगा। इससे बाहर के लोगों को जहां स्वास्थ्य सुविधाओं के चुनाव का विकल्प उपलब्ध होगा, वहीं शहर की जनता को अपने ही सेक्टर में इलाज की सुविधा मुहैया होगी। -डॉ. आरएस बेदी, आईएमएस के पूर्व अध्यक्ष व एडवाइजर वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन
आने वाले सालों में सैटेलाइट सेंटरों के जरिए पीजीआई मरीजों का करेगा इलाज
मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए पीजीआई में एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर, मदर चाइल्ड केयर के साथ ही सारंगपुर के सैटेलाइट सेंटर की सुविधा जल्द ही मुहैया कराई जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले दो से तीन साल में पीजीआई सैटेलाइट सेंटरों के जरिए बाहर के मरीजों को उच्च चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराए। -प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई