13 जिलों में 64 ब्लॉक हैं डार्क जोन में
प्रदेश में भूजल स्तर के जबरदस्त दोहन के कारण इस समय प्रदेश के 13 जिलों के 64 ब्लॉक डार्क जोन घोषित किए गए हैं। इन जिलों में अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, हिसार, झज्जर, भिवानी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सिरसा, सोनीपत, पानीपत और जींद शामिल हैं।
भिवानी के बाढड़ा, बहल, कैरू, लोहारू, तोशाम, फतेहाबाद का टोहाना, कैथल का गुहला, राजौंद, कुरुक्षेत्र के लाडवा, पिहोवा, शाहाबाद, पानीपत के बापौली, समालखा, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, करनाल, असंध, महेंद्रगढ़ में नांगल चौधरी, अटेली, कनीना, रेवाड़ी में खोल, सिरसा में ऐलनाबाद, गुरुग्राम व फरूखनगर, पटौदी, सोहना, यमुनानगर में जगाधरी, मुस्तफाबाद, रादौर, साढौ़रा, पलवल में हसनपुर, हथीन, होडल समेत 64 ब्लॉक डार्क जोन घोषित किए गए हैं।
लगातार गिर रहा भूजल स्तर
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश में 36 मिलियन एकड़ फुट पानी की जरूरत है, लेकिन उपलब्धता 14 मिलियन एकड़ फुट है। प्रदेश का भूजल स्तर बीते 42 वर्ष में 60 फुट नीचे जा पहुंचा है। प्रदेश में वर्ष 2000 में भूजल औसतन 31 फीट पर उपलब्ध था। गुरुग्राम, फतेहाबाद, फरीदाबाद, कैथल, रेवाड़ी जिले में भूजल स्तर औसतन 88 फीट से नीचे गिरा है। जबकि इन जिलों के शहरी क्षेत्र में यह 120 फीट से नीचे पहुंच चुका है।
सूबे का 60 फीसदी इलाका डार्क जोन में शामिल हो गया है। गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ जिलों में ट्यूबवेल का कनेक्शन जारी करने में विशेष सावधानी बरती जा रही है। सबसे बुरा हाल कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ का है। यहां भूजल स्तर 90 फुट के करीब है।