फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में कोरोना का टीका लगवाने से हिचक रहे स्वास्थ्यकर्मी, दूसरे सत्र में 400 में से 204 का हुआ टीकाकरण

Tue, 19 Jan 2021 10:44 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे सत्र में मंगलवार को 400 में से केवल 204 लाभार्थियों का ही टीकाकरण हो पाया। जबकि पहले सत्र में 500 में से 374 का टीकाकरण किया गया था। स्थिति यह रही कि मंगलवार शाम चार बजे तक जीएमएसएच-16 में 70 और सेक्टर-45 सिविल अस्पताल में महज 15 और जीएमसीएच-32 के दोनों केंद्रों पर क्रमश: 20 और 15 लाभार्थियों को मिलाकर कुल 120 का ही टीकाकरण हो पाया था। इसे देखते हुए अंतिम एक घंटे में स्वास्थ्यकर्मियों को प्रेरित कर टीकाकरण के लिए तैयार किया गया, तब जाकर संख्या 204 पहुंची।

विज्ञापन


कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर चंडीगढ़ सहित पूरे देश के स्वास्थ्यकर्मियों में उत्साह नजर नहीं आ रहा है। चंडीगढ़ में आयोजित दो सत्रों में कुल 578 लोगों ने टीके लगवाए, जबकि लक्ष्य एक हजार लोगों का था यानी 57.8 फीसदी लक्ष्य को ही पाया जा सका। विशेषज्ञ इसे ‘वैक्सीन हेजिटेंसी’ कह रहे हैं। इसका मतलब है कि लोगों में टीके को लेकर एक हिचक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण ऐसा हो रहा है। उनकी राय है कि लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाकर नोडल अधिकारियों को सक्रिय करना पड़ेगा। साथ ही लोगों के मन से भ्रम दूर करने के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाने होंगे।

विज्ञापन

गौरतलब है कि दूसरे सत्र में मंगलवार को पांच की जगह चार केंद्रों पर ही टीकाकरण किया गया है। वैक्सीन न मिलने के कारण पीजीआई में टीकाकरण नहीं किया गया। इसके बावजूद चारों केंद्रों पर परिणाम पहले सत्र की तुलना में बेहद निराशाजनक रहे। जीएमएसएच-16 ने पहले सत्र में जहां शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया था, वहीं दूसरे सत्र में यहां 100 में से 90 स्वास्थ्यकर्मियों का ही टीकाकरण हो पाया। 

जीएमसीएच-32 के दोनों केंद्रों पर यह संख्या 64 पर ही सिमट कर रह गई। वहीं, सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में महज 20 लाभार्थियों का टीकाकरण हो पाया। इस दौरान इक्का-दुक्का लाभार्थियों ने छोटी-मोटी परेशानियों की शिकायत की लेकिन किसी को भी कोई ऐसी गंभीर समस्या नहीं हुई, जिसके लिए राष्ट्रीय सहायता केंद्र या जीएमसीएच व पीजीआई के विशेषज्ञों की गठित कमेटी से मदद मांगी जाए। 

सुबह नौ की जगह साढ़े दस बजे शुरू हुआ टीकाकरण
दूसरे सत्र के टीकाकरण के लिए सुबह 9 बजे का समय निर्धारित किया गया था लेकिन जीएमएसएच-16 के अलावा अन्य तीनों केंद्रों पर 10 बजे तक न तो लाभार्थी पहुंचे थे, न कर्मचारी। ऐसे में सुबह 10:30 बजे टीकाकरण शुरू हो पाया। सबसे शर्मनाक स्थिति सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में देखने को मिली वहां दोपहर में 1:30 बजे टीकाकरण शुरू हुआ। 

अब गुरुवार को चलेगा अगला सत्र 

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि टीकाकरण का अगला सत्र अब गुरुवार को चलेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलाए जा रहे केंद्रों की संख्या चार ही रहेगी क्योंकि सरकार का यह निर्देश है कि टीकाकरण अभियान के साथ ही अन्य सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित होनी चाहिए। 

जीएमएसएच-16 में चल रहा जागरूकता कार्यक्रम
टीकाकरण अभियान में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जीएमएसएच-16 में दिन के साथ ही रात में भी कर्मचारियों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

डॉक्टर कंग ने बताया कि इसके लिए टीकाकरण करा चुके सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने ड्यूटी में इसे भी शामिल करें। जिनकी दिन में ड्यूटी है, वह ओपीडी के साथ ही वार्ड में तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों को अपना अनुभव बता रहे हैं।

ठीक यही प्रक्रिया रात में भी दोहराई जा रही है। डॉ. कंग का कहना है कि ऐसा करके ही टीकाकरण में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। ऐसा अनुमान है कि जिन स्थानों पर टीकाकरण का परिणाम संतोषजनक नहीं है, वहां जागरूकता के लिए प्रयास नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन

‘नकारात्मक सूचनाएं में तेजी, लानी होगी जागरूकता’ 

पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल का कहना है कि टीकाकरण अभियान में लाभार्थियों की कम होती संख्या की सबसे बड़ी वजह नकारात्मक सूचनाओं की तीव्रता है। स्वास्थ्य विभाग को इस पर अंकुश लगाने का उपाय करना होगा ताकि इस टीकाकरण के महत्व को लोगों के जहन में उतारा जा सके। वहीं, जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि गुप्ता इसे कार्य योजना की विफलता मानते हैं।

उनका कहना है कि जिस टीके को लगवाने के लिए भीड़ उमड़ जानी चाहिए थी, उसके लिए लाभार्थी ढूंढने पड़ रहे हैं। इससे यह साफ पता चल रहा है कि जागरूकता के स्तर पर प्रयास काफी सीमित हो रहे हैं इसलिए सबसे पहले लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास करना होगा। टीकाकरण की कार्य योजना की ही तरह जागरूकता संबंधी कार्य योजना को लेकर गंभीरता दिखानी होगी तभी अभियान की सफलता सुनिश्चित हो पाएगी।

कहां कितने लोगों को लगा टीका 
  • जीएमएसएच-16- 90
  • जीएमसीएच-32 के दो केंद्रों पर क्रमश: - 35 और 29
  • सिविल अस्पताल सेक्टर-45 - 20
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें