हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सोमवार को माननीयों के तेवर तल्ख रहे। प्रश्नकाल के दौरान इनेलो विधायक अभय चौटाला मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भिड़ गए। उन्होंने अपराधियों और नशा तस्करों की संपत्तियों को जोड़ने से जुड़ा सवाल पूछा। उन्होंने अपराधियों के परिवारों की भी संपत्तियां तोड़ने पर आपत्ति जताई।
सवाल पूछते वक्त गृह मंत्री अनिल विज सदन से बाहर गए थे। इस पर अभय ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्हें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, जगबीर मलिक और आफताब अहमद का भी साथ मिला। स्पीकर ने विपक्षी विधायकों को यह कहकर शांत कराया कि इमरजेंसी किसी को भी हो सकती है। गृह मंत्री बाहर गए हुए हैं। इससे पहले कि विज आते मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वह सवाल का जवाब दे रहे हैं।
मनोहर ने बताया कि अपराधी हों या नशा तस्कर किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने का काम शुरू किया है। वह अभय से ही सवाल पूछते हैं कि सरकार की कार्रवाई को विध्वंसक बताना क्या उचित है? यह विध्वंस नहीं, आपराधिक तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को नेस्तानाबूद करने की कार्रवाई है। इसे विध्वंसक कहना गलत है।
अनिल विज ने आगे सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि अब तक 178 संपत्तियों पर बुलडोजर चला है, इनमें से 71 नशा तस्करों से जुड़ी हैं। आगे भी ऐसी संपत्तियों पर बुलडोजर चलता रहेगा। अपराधी या तो हरियाणा छोड़ दें या फिर बदमाशी। जब से हरियाणा में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हुई है, वे प्रदेश छोड़कर भाग रहे हैं। सरकार जल्दी हरकोका कानून लागू करने जा रही है। विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे अमल में लाएंगे। कानून पसंद लोगों को सरकार की इस कार्रवाई पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अमन और शांति प्रिय प्रदेश ही तरक्की करता है, उसके लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है।
मनोहर और अभय में ऐसे हुए सवाल-जवाब
अभय चौटाला ने कहा कि नशावृत्ति के खिलाफ उन्होंने सबसे अधिक आवाज सदन में और बाहर उठाई है। नशा तस्करी में अगर एक व्यक्ति शामिल है तो उसके पूरे परिवार की संपत्ति को तोड़ना गलत है। जिन नशा तस्करों को परिवार ने बेदखल कर रखा है, उन परिवारों की भी संपत्तियां तोड़ दी गईं। एसपी सिरसा के पास उन्होंने एक ऐसे बुजुर्ग की शिकायत दी है, जिसके ऊपर न कोई एफआईआर न नशे का केस फिर भी मकान तोड़ दिया गया। यह सिरसा के एक मंत्री के इशारे पर हुआ है। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने उनके जवाब देते हुए कहा कि या तो मंत्री का नाम लें या फिर सदन में बेबुनियाद आरोप न लगाएं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नशा तस्करी में शामिल जो भी लोग हैं, उन पर कानूनी रूप से सभी प्रकार की कार्रवाई की है। उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर तोड़ा गया है। सरकार ने तस्करों पर शिकंजा कसने का काम किया है। विपक्ष के लोग बताएं कि वे सरकार के साथ हैं, या उन लोगों के साथ। जो व्यक्ति दोषी है और उसकी गलत कमाई से संपत्ति, घर बनाए गए हैं, जिसमें अन्य लोगों की भी भागीदारी है, कानूनन उन व्यक्तियों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। समाज में ऐसा वातावरण बनाना पड़ेगा ताकि गलत कार्य करने वाले लोगों का साथ परिवारजन छोड़ दें, तभी यह बुराई समाज से खत्म होगी।
सीएम पर टिप्पणी का स्पीकर ने लिया कड़ा संज्ञान
मुख्यमंत्री ने अभय को कहा कि वह विध्वंश शब्द हटाकर बात करें तो सही रहेगा। नशा तस्करी में परिवार का एक सदस्य शामिल हो या दो, पूरे परिवार की संपत्ति तोड़ी जाएगी। अभय ने इस पर दोहराया कि पूरे परिवार की तोड़ेंगे, मुख्यमंत्री ने सीट पर बैठे-बैठे हां कहा। अभय बोले कि सीएम साहब बैठे-बैठे गर्दन हिला रहे। यह कौन सा तरीका है। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि सही लहजे में बात रखें, अभय नहीं माने और बोले मैंने ठीक कहा।
डबवाली से पानीपत तक बनेगा नया हाईवे
प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि रतिया से टोहाना सड़क के चौड़ीकरण के लिए सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे में ट्रैफिक दबाव के अनुसार मार्ग का चौड़ीकरण होगा। रतिया-टोहाना रोड के समांतर एनएचएआई ग्रीन फील्ड हाईवे बनाएगा। यह नया हाईवे डबवाली से पानीपत तक बनेगा।
पटियाला से यमुनानगर तक हाईवे बनाने का प्रस्ताव
पीपली से यमुनानगर तक फोरलेन सड़क बनाने के सवाल पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पटियाला से यमुनानगर तक नेशनल हाईवे बनाने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार ने पटियाला-चीका-पिहोवा-पिपली-लाडवा-यमुनानगर तक केंद्र से नेशनल हाइवे बनाने की मांग है। मार्च तक अगर भारतमाला परियोजना के तहत इस प्रोजेक्ट की मंजूरी नहीं मिलती है तो राज्य सरकार कदम उठाएगी। हरियाणा सरकार पीपली से यमुनानगर तक सड़क को स्टेट हाईवे के तौर पर विकसित करेगी।