अव्यवस्थाएं देख नाखुश दिखीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने शुक्रवार को पद्मा सिटी मॉल के समीप स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। वहां कई अव्यवस्थाएं देख उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर में जो महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न से पीड़ित होकर आश्रय लेने के लिए आती हैं, उन सभी को स्वास्थ्य, कानूनी आदि संबंधित सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। संबंधित महिलाओं की सही से काउंसलिंग भी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन महिलाओं का सेंटर के माध्यम से समझौता हुआ है, उनसे फीडबैक जरूर लें।
निरीक्षण के बाद डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल, एसपी मकसूद अहमद से महिलाओं से संबंधित आए केसों के संदर्भ में बैठक की। इसके साथ-साथ लघु सचिवालय के सभागार में जिला के विभिन्न थानों में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में सुनवाई करके संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की सुविधा के मद्देनजर प्रत्येक जिला में वन स्टॉप सेंटर के भवनों का निर्माण किया जा रहा है। जब तक जिले में नया भवन नहीं बनता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस वन स्टॉप सेंटर को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और यह विशेष ध्यान रखा जाए कि वन स्टॉप सेंटर ग्राउंड फ्लोर व निर्धारित मापदंड के तहत होना चाहिए। इस मौके पर डीएसपी अनिल कुमार, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी सुनीता शर्मा, महिला थाना प्रभारी डॉ. नन्ही देवी, कानूनी सहायक पूजा लोदी, हीना एडवोकेट, अंकुर मौजूद रहे।
बाद में महिला थाने के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित केसों में जांच अधिकारी मर्यादित भाषा का बर्ताव करें। साथ ही किसी भी मामले को लेकर महिलाओं पर अन्यथा दबाव नहीं बनाएं। जो भी महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित केस आते हैं, उन पर पुलिस विभाग उचित कार्रवाई को अमलीजामा पहनाएं, ताकि पीड़ित महिला को ठीक समय पर न्याय मिल सके। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने बताया कि जनवरी से अब तक 83 मामले महिला थाने में आए हैं जबकि पिछले वर्ष कुल 173 मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने बताया कि सालाना लगभग 600 के करीब शिकायतें होती हैं। अधिकतर मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग के माध्यम से सहमती से मामले निपटाए जाते हैं।
महिलाओं से संबंधित नौ मामलों की सुनवाई भी की
आयोग की अध्यक्ष महिलाओं से संबंधित विभिन्न नौ मामलों की सुनवाई की। इस मौके पर संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ वादी व परिवादी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ अत्याचार नहीं होना चाहिए। आयोग के समक्ष रखे गए नौ में से तीन का मौके पर ही निपटारा कर दिया। शेष छह मामलों में आयोग ने 10 दिनों का समय दिया।