जिला उपायुक्त ने इस अवधि के दौरान कार्यरत रहे पंचायती राज संस्थान से प्रतिनियुक्ति पर आए कनिष्ठ अभियंता जसमीर, निगम अभियंता जावेद हुसैन (अब नगर परिषद नूंह में तैनात), कनिष्ठ अभियंता राजेश दलाल (अब नगर पालिका सांपला में तैनात) और निगम अभियंता लक्ष्मी चंद राघव (अब नगर निगम करनाल में सहायक अभियंता के पद पर तैनात) के विरूद्ध उचित कार्यवाही करने की सिफारिश की गई है।
तिथि से पहले ही खोल दी टैक्निकल बिड
वर्ष 2018 में बवानीखेड़ा शहर की मुख्य सड़क पर गलियों की लाईटें लगाने के संबंध में 99.73 लाख रुपये के कार्य के टेंडर में उचित प्रक्रिया को नहीं अपनाने का आरोप था। इसमें टैक्निकल बिड से संबंधित दस्तावेजों की कॉपी ऑनलाइन टैक्निकल बिड खोलने की तिथि 9 अप्रैल, 2018 के बजाय 6 अप्रैल, 2018 को ही प्राप्त कर ली गई। अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि प्रारंभिक स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसके लिए नगर अभियंता पंकज ढांडा (अब नगर निगम यमुनानगर में सहायक अभियंता के पद पर तैनात) और नगरपालिका बवानीखेड़ा के तत्कालीन अभियंता (अब नगर निगम, हिसार में कार्यरत) को दोषी पाया गया है।