कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए पंजाब-हरियाणा में पूर्वाभ्यास शुरू हो गया है। दूसरी तरफ किसानों को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) के नोटिस भेजे जाने पर किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है। किसान नेताओं का कहना है कि वह इस मसले को केंद्रीय स्तर पर होने वाली बैठक में उठाएंगे।
गौरतलब है कि एनआईए ने सिख फॉर जस्टिस मामले में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा समेत करीब 40 लोगों को नोटिस भेजकर तलब किया है। सिरसा और सिद्धू को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
उधर, योजना के मुताबिक हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर 18 जनवरी को महिला किसान प्रदर्शन करेंगी। किसान नेताओं ने बताया कि गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड का रूट प्लान सुप्रीम कोर्ट में 18 जनवरी की सुनवाई के बाद घोषित किया जाएगा। इधर, बहादुरगढ़ में टीकरी बॉर्डर पड़ाव में पंजाब के मुक्तसर जिले के 35 वर्षीय किसान की मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट फेल होना बताया गया है।
भाकियू पंजाब के नेता परगट सिंह ने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टरों से दिल्ली मार्च के फैसले के लिए 20 को 31 जत्थे बंदियों की बैठक होगी। वहीं ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए रेवाड़ी के रास्ते राजस्थान और पंजाब के किसानों के जत्थे आने शुरू हो गए हैं।
पंजाब के अबोहार में ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए किसान संगठन भाकियू एकता उगराहां, भाकियू कादिया और भाकियू लक्खोवाल ने शनिवार को जिले में ट्रैक्टर रैली निकाली। इसमें सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर शामिल हुए। वहीं संगरूर में कृषि कानूनों के खिलाफ 26 जनवरी को दिल्ली में किसान संगठनों द्वारा ट्रैक्टर मार्च के एलान के बाद इसे सफल बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शनिवार को अमरगढ़ और भवानीगढ़ के करीब 21 गांवों में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला।
अमृतसर में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें व किसान संघर्ष में सेवा निभा रहे किसानों को परेशान करने के लिए एनआईए ने नोटिस भेजे हैं। एनआईए ने जो नोटिस भेजा है उसमें उन्हें 17 जनवरी को दफ्तर में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। सिरसा के साथ रंजीत सिंह दमदमी, नोबलजीत सिंह होशियारपुर, परमजीत सिंह, कलाकार दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिद्धू को भी नोटिस भेजे गए हैं।
केंद्र की नीतियों का विरोध करेगी एसजीपीसी - जागीर कौर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष जागीर कौर ने एक बार फिर कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार हर हथकंडा अपना रही है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसानों पर यूएपीए कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। एसजीपीसी मुख्यालय में जागीर ने कहा कि क्या किसानों का अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना देशद्रोह है। एसजीपीसी केंद्र सरकार की इन नीतियों का डट कर विरोध करेगी। मोदी सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था। किसान संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।