टीकाकरण के दौरान मोबाइल पर आने वाले मैसेज को कोविन एप में डालने के बाद कर्मचारियों को सर्टिफिकेट दिया जाना था लेकिन जीएमसीएच में एप ठीक से काम नहीं कर रहा था, इसलिए तत्काल सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सका। अब सभी के मोबाइल पर सर्टिफिकेट का लिंक भेज दिया जाएगा।
कुछ लोगों को नहीं पहुंचे मैसेज, लिस्ट से देखकर लगाया टीका
इस दौरान कुछ लोगों के मोबाइल पर टीका लगाने का संदेश ही नहीं पहुंचा था। जब वह टीकाकरण करवाने पहुंचे तो लिस्ट में नाम देखकर उनका टीकाकरण कराया गया।
मेरे लिए यह गर्व का क्षण : डायरेक्टर व प्रिंसिपल
जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर व प्रिंसिपल डॉ. जसबिंदर कौर ने टीका लगवाने के बाद कहा कि यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। एक महामारी से बचाव के लिए सबसे पहला टीका मैं लगवा रही हूं। इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है।
सफल परीक्षण के बाद दी जा रही वैक्सीन : एमएस
जीएमसीएच-32 के एमएस डॉ. रवि गुप्ता ने कहा कि इस वैक्सीन से डरने वाली कोई बात नहीं है। इसके लिए पूरा परीक्षण कराया गया है ताकि किसी स्तर पर कोई खामी न रहे। यह बिल्कुल सुरक्षित है, जिसका उदाहरण मैं आपके सामने हूं।
मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. संजय डीक्रूज ने कहा कि इस वैक्सीन को लगवाने के बाद कोई समस्या नहीं हो रही है। यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मुझे इस कार्य के लिए चुना गया। इसके लिए मैं प्रबंधन को धन्यवाद देता हूं।
यही समय है कुछ कर दिखाने का : राजेंद्र वर्मा
जीएमसीएच-32 में तैनात सुरक्षाकर्मी राजेंद्र वर्मा ने वैक्सीन लगवाने के बाद कहा कि पहले थोड़ा डर लगता था कि कैसे लगेगी, क्या होगा। अब एकदम स्वस्थ हूं। कोई समस्या नहीं है। 28 दिन बाद फिर दूसरा डोज लगवाऊंगा।
डॉक्टरों ने दिया प्रोत्साहन तो हौसला बढ़ गया : मुरारी
हॉस्पिटल अटेंडेंट मुरारी कुमार ने बताया कि पहले जब लोग इस वैक्सीन से खतरा होने की बात कहते थे तो डर लगता था लेकिन टीका लगने के बाद अब मन मे किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। लोगों के लिए यह एक मिसाल पेश की है कि किसी काम से डरना नहीं चाहिए।
अपने को बेहतर साबित करने का सुनहरा मौका : डबकेश
नर्सिंग ऑफिसर डबकेश कुमार ने बताया कि अपनेआप को साबित करने का यही मौका है। जब आप किसी कार्य की मिसाल पेश करना चाहते हैं तो थोड़ा रिस्क उठाना भी चाहिए। वैसे वैक्सीन एकदम सुरक्षित है। इसे लगवाने के बाद किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो रही है।