एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य शुरू हो गया है। बीऐंडआर विभाग ने एयरपोर्ट की 4200 एकड़ जमीन की बाउंड्री की घेराबंदी शुरू कर दी है, जबकि बाकी जमीन की बाउंड्री दूसरे फेज के विस्तार के दौरान की जाएगी। वहीं, हिसार से चंडीगढ़ के लिए हवाई यात्रा शुरू होने की अभी कोई संभावना नहीं दिख रही है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार लाइटें लगने के बाद ही यहां से हवाई यात्रा सुचारु हो सकेगी। वहीं, एयरपोर्ट के विस्तार का काम साथ साथ चलता रहेगा। हालांकि एयरपोर्ट के दूसरे फेज का काम शुरू होने में अभी समय लगना तय है, क्योंकि एनवायरमेंट क्लीयरेंस लेने का कार्य पूरा नहीं है। इसके बिना एयरपोर्ट पर निर्माण नहीं हो सकेगा।
डेढ़ वर्ष में होगी 4200 एकड़ जमीन की तारबंदी
एयरपोर्ट की 4200 एकड़ जमीन अथॉरिटी को मिल चुकी है। इसलिए अभी केवल इसी की तारबंदी का काम शुरू किया गया है। इस जगह के चारों और सीमेंट के खंभे लगाकर तारबंदी की जाएगी और इसमें डेढ़ वर्ष का समय निर्धारित किया गया है। एयरपोर्ट के लिए कुल 7200 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। ऐसे में करीब तीन हजार एकड़ जमीन को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है।
एनवायरमेंट क्लीयरेंस के कारण शुरू नहीं हो सका रनवे का काम
हिसार एयरपोर्ट पर फिलहाल चार हजार मीटर का रनवे है, जिस पर छोटे जहाज उतारे जाते हैं। हिसार एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के लिहाज से सबसे पहला काम रनवे की लंबाई बढ़ाना है। रनवे को नौ हजार मीटर का बनाया जाएगा। इसका काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण ये काम अटके हुए हैं।
हम अभी 4200 एकड़ की तारबंदी कर रहे हैं। इसके अलावा बाकी अधिकांश काम एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण अटके हुए हैं। - मांगे राम लांबा, एसडीओ, बीऐंडआर