खेलो इंडिया यूथ गेम्स का मेजबान हरियाणा दूसरी बार ओवरऑल चैंपियन बना है। प्रदेश के धाकड़ों ने 52 स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया है। हरियाणा 39 रजत और 46 कांस्य सहित सर्वाधिक 137 मेडल जीतकर पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र को इस बार 7 गोल्ड से हरियाणा ने पछाड़ने में कामयाबी हासिल की है।
इससे पहले वर्ष 2018 में हरियाणा ने 38 स्वर्ण पदक जीतकर पहले स्थान पर रहा था। वहीं, 45 स्वर्ण के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर रहा। महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने 40 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 125 पदक जीते हैं। इसी प्रकार, तीसरे नंबर पर रहे कर्नाटक ने 22 स्वर्ण, 17 रजत और 28 कांस्य पदक हासिल कर कुल 67 पदक जीते हैं।
देश की आबादी का दो फीसदी, मेडल लाए 15 फीसदी
देश की कुल जनसंख्या में हरियाणा का 2.09 फीसदी है। खेला इंडिया यूथ गेम्स में हरियाणा ने 15 फीसदी पदकों पर कब्जा जमाया है। वहीं, 19 फीसदी स्वर्ण पदक जीते।
कुश्ती में जीते ज्यादा पदक
हरियाणा ने सबसे ज्यादा 38 पदक कुश्ती में पदक जीते हैं। जिनमें 16 स्वर्ण, 10 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं बाक्सिंग के खिलाड़ियों ने कुल 15 पदक हासिल किए हैं। जिनमें 10 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं, जबकि एथलेटिक्स में 3 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य मिले हैं।
इसी प्रकार, जूडो में 3 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने लिए हैं तो साइकलिंग में 2 स्वर्ण और 6 कांस्य पदक हरियाणा को मिले हैं। स्वीमिंग में 4 स्वर्ण, 2 सिल्वर और 2 कांस्य पदक हरियाणा के नाम रहे। शूटिंग में 3 स्वर्ण, 2 सिल्वर और 2 कांस्य पदक हासिल किए गए हैं। इसी प्रकार, वेटलिफ्टिंग में 4 स्वर्ण, 2 सिल्वर और 1 कांस्य जीता है।
म्हारी छोरियों के गोल्डन पंच के सामने नहीं टिका महाराष्ट्र
खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आखिरी दिन हरियाणा की बॉक्सर बेटियों ने एक के बाद एक लगातार छह गोल्डन पंच लगाए। महाराष्ट्र की खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक के साथ शुरूआत की। इसके बाद हरियाणा बेटियों ने स्वर्णिम पंच लगाकर चैंपियन का खिताब हरियाणा की झोली में डाल दिया। एकतरफा जीत के साथ हरियाणा ने सात स्वर्ण पदक जीते।