हरियाणा में एचपीएससी और एचएसएससी भर्तियों को सिरे नहीं चढ़ा पा रहे हैं। कोरोना के कारण काम-धंधे भी प्रभावित हैं। नतीजन, हरियाणा बेरोजगारी में नंबर वन बन गया है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों में बेरोजगारी दर सबसे अधिक हरियाणा में 34.1 प्रतिशत है। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने सोमवार को भी कृषि विभाग में एडीओ और एसडीएओ के 526 पदों को ही वापस ले लिया।
पेपर लीक, सॉल्वर गैंग समेत अन्य बाधाओं के चलते दोनों आयोग रोजगार दे पाने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। छह साल में अलग-अलग श्रेणी के दस हजार पदों के लिए निकाली गई कई भर्तियों की परीक्षा ही नहीं हो पाई तो कई में नियुक्तियां अटकी हैं। तमाम प्रयास करने के बावजूद आयोग न तो गड़बड़ी रोक पा रहे हैं और न ही कोई फुल प्रूफ प्लान तैयार कर पा रहे हैं। लिखित परीक्षा कराने में ही पसीने छूट रहे हैं। भर्तियां न होने से सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले लाखों युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में एक-एक कर भर्तियों को स्थगित किया जा रहा है। ग्राम सचिव, पटवारी और कैनाल पटवारी की परीक्षा स्थगित कर दी है। एचपीएससी में फर्जीवाड़े के बाद से भर्तियों को ही वापस लेने का दौर चल रहा है। पिछले माह भी वेटेनरी सर्जन के 340 पदों की भर्ती वापस ली गई थी। डेंटल सर्जन और एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में फर्जीवाड़े के बाद एचपीएससी इन भर्तियों पर अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाया है। परीक्षा रद्द होंगी या नहीं, इसके लिए विजिलेंस की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
वेटेनरी सर्जन 340 2021
एडीओ, एडीएओ 526 2021
एचपीएससी और एचएसएससी भर्तियों को सिरे नहीं चढ़ा पा रहे हैं। इस कारण आवेदन करने वाले लाखों युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। -श्वेता ढुल, सामाजिक कार्यकर्ता
कुछ भर्तियों कोरोना महामारी के चलते प्रभावित हुई हैं। पूरी प्रक्रिया को तेजी से किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि मार्च तक 22 हजार पदों की भर्ती की जाए। इसके लिए आयोग ने रणनीति तैयार कर ली है। -भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।