550 करोड़ रुपये दो या जमीन के बदले जमीन
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दस एकड़ जमीन चंडीगढ़ प्रशासन देने को तैयार है। इसके बदले में जमीन के कलेक्टर रेट अनुसार या तो 550 करोड़ रुपये देने होंगे या फिर चंडीगढ़ के साथ लगते क्षेत्र में समान मूल्य की दस एकड़ जमीन देनी होगी। दोनों ही विकल्पों पर सरकार विचार कर रही है। भूमि आंवटन के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से चंडीगढ़ के प्रशासक को एक-दो दिन में पत्र लिखा जाएगा। इस बारे में शनिवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बातचीत करेंगे। जमीन आवंटन पर अंतिम मुहर गृह मंत्रालय से ही लगनी है।
हेरिटेज होगी नई विधानसभा
नई विधानसभा पूरी तरह से हेरिटेज होगी। यूनेस्को से नए भवन निर्माण पर हम कोई आपत्ति नहीं चाहते। जमीन आवंटन के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नया विधान भवन अत्याधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम होगा। 2026 में परिसीमन के बाद बढ़ने वाली विधानसभा सीटों के मद्देनजर विधायकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
वर्तमान विधानसभा में अनेक कमियां हैं, जिन्हें देखते हुए नया भवन बनाना जरूरी है। कोरोना के दौरान 90 विधायकों को सोशल डिस्टेंसिंग अनुसार बिठाने में अनेक दिक्कतें आई और सिटिंग प्लान में बदलाव करने पड़े। नया भवन बनने पर पुराने में नव सचिवालय के दफ्तर व सचिवालय के कुछ कार्यालयों को शिफ्ट किया जा सकता है। नए भवन के निर्माण के लिए बजट कोई मुद्दा नहीं रहेगा।