बजट बढ़ा, पदक बढ़े
शाह ने कहा, 2014 में खेल मंत्रालय का बजट 866 करोड़ रुपये था, जिसे 2022 में बढ़ाकर 1993 करोड़ रुपये किया गया। 2016 ओलंपिक में दो पदक आए थे, टोक्यो में 7 ओलंपिक पदक मिले थे जबकि पैरालंपिक में 19 पदक आए। 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में 26 स्वर्ण पदक हमारे खिलाड़ियों ने जीते। 2018 के एशियाई खेलों में 70 पदक हमारे खिलाड़ी लाए, पहली बार थाईलैंड में थॉमस कप जीतकर हमने रिकॉर्ड बनाया।
पसीने से नहाने वाले इतिहास को बदलते हैं
शाह ने कहा, खिलाड़ियों से कहना चाहता हूं कि पानी से नहाने वाले सिर्फ लिबास को बदलते हैं लेकिन जो पसीने से नहाते हैं, वो इतिहास बदलते हैं। इन खेलों का दसवां संस्करण आते-आते भारत जरूर ओलंपिक पदक तालिका में एक से पांचवें स्थान के बीच दिखाई देगा। उन्होंने बॉक्सर मोहम्मद अली की फेमस लाइनें दोहराते हुए कहा कि मुझे ट्रेनिंग के दौरान हर एक मिनट से नफरत होती थी लेकिन मैंने खुद से कहा हार मत मानो, अभी सह लो और बाकी जिंदगी को एक चैंपियन की तरह जियो। अमित शाह ने खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मेहनत करने और नए रिकॉर्ड बनाने की सलाह दी।
राज्य में बना बेहतरीन खेल इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए ग्राम से राज्य स्तर तक खेलों के लिए बेहतरीन खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कंपलेक्स में राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र (एसटीआरसीएस) की स्थापना की पहल की है, जिससे चोटग्रस्त खिलाड़ी मैदान में दोबारा जल्द उतर सकेंगे। इस केन्द्र में वैज्ञानिक खेल प्रशिक्षण, खेल चोट पुनर्वास और फिजियोथेरेपी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिला करनाल, हिसार, रोहतक और गुरुग्राम में भी ऐसे केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा, 4 खेल छात्रावास भी स्थापित किए जा रहे हैं।