हरियाणा की बस को चंडीगढ़ में रोका गया
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पंचकूला और कालका से पीजीआई के चल रही इलेक्ट्रिक बस को रोकने से हरियाणा सरकार ने दूसरी बार मना कर दिया है। यूटी प्रशासन ने हाल ही में दूसरी बार पत्र लिखा था और कहा था कि वह नियमों के अनुसार लोकल रूट पर बस नहीं चला सकते, इसलिए बस को तुरंत रोका जाए।
हरियाणा परिवहन विभाग ने स्पष्ट कहा है कि वह बस को जारी रखेंगे। उन्होंने चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी पर तंज कसते हुए कहा कि चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी की भी पिछले काफी समय से ई-बस चला रही है, क्या उसका उक्त कारणों की वजह से कभी चालान काटा गया है।
यूटी प्रशासन और हरियाणा के बीच पीजीआई बस सेवा को लेकर विवाद बना हुआ है। 20 अगस्त को प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद भी हरियाणा ने बस नहीं रोकी और अब भी रोजाना कई बार कालका और पंचकूला से पीजीआई को बस जा रही है। बैठक के बाद प्रशासन ने पत्र लिखकर मना किया तो हरियाणा ने चंडीगढ़ को ही धमकी दे दी कि अगर उनकी बस का चंडीगढ़ में चालान हुआ तो वह भी कार्रवाई करेंगे। दूसरी बार फिर प्रशासन ने चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का हवाला देकर बस को रोकने की बात कही लेकिन हरियाणा ने दूसरी बार भी मना कर दिया।
हरियाणा ने दोबारा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की ई-बसों को लेकर वर्ष 2018 में जारी अधिसूचना का हवाला दिया और कहा कि अगर मोर्थ की अधिसूचना की व्याख्या को लेकर कोई समस्या है तो मामले को मंत्रालय में भेजा जा सकता है। हालांकि हरियाणा ने यह भी लिख दिया है कि बड़े सार्वजनिक हित के लिए कालका और पंचकूला से पीजीआई के लिए चलने वाली सेवा जारी रहेगी। इन बसों को अवैध तरीके से रोका या चालान न किया जाए।
एसटीए के दो लेटर का हरियाणा पर कोई असर नहीं
परिवहन विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि नियमों के हिसाब से लोकल रूट पर अन्य कोई बस नहीं चला सकता। बसों पर नियंत्रण व निगरानी रखने की जिम्मेदारी विभाग की नहीं, बल्कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का है। ऐसे में एसटीए को कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि एसटीए के अधिकारी भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। वो हरियाणा को लिखित में बस रोकने को दो बार लिख चुके हैं लेकिन हरियाणा पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। एसटीए के एक अधिकारी ने बताया कि वह मामले को लगातार हरियाणा के साथ उठा रहे हैं। क्योंकि, आने वाली बस भी सरकारी है इसलिए बैठकर ही समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
10 अगस्त से चल रही है बस
11 और 12 अगस्त को सीटीयू यूनियन के पदाधिकारियों ने पंचकूला/कालका से आई बस को रोका था, इसके खिलाफ हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड की तरफ से चंडीगढ़ एसएसपी को शिकायत दी गई है और कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद 10 अगस्त से चंडीगढ़-हरियाणा में विवाद शुरू हुआ था, जब सीटीयू यूनियन के सदस्यों को पता चला कि पंचकूला ने पीजीआई के लिए लोकल बस सेवा शुरु की है। 11 अगस्त को सेक्टर-16 के रोज गार्डन के पास सीटीयू की यूनियन ने बस को रोक दिया और एसटीए ने चालान काटने के साथ बस को जब्त कर लिया। इसके बाद से चंडीगढ़-पंचकूला में ठन गई। पहले सड़क पर एक दूसरे की बसों का चालान काटा गया। फिर 20 अगस्त को हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिकारियों की बैठक हुई।
आज सीटीयू यूनियन यूटी प्रशासन का फूकेंगी पुतला
हरियाणा की बस को रोकने में नाकाम रहने पर चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्ज यूनियन के पदाधिकारी व सदस्य इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट के दफ्तर के सामने प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान यूटी प्रशासन का पुतला भी फूंका जाएगा। यूनियन के नेताओं का कहना है कि हरियाणा रोडवेज पंचकूला डिपो की तरफ से कालका से पीजीआई के लिए गलत तरीके से चंडीगढ़ में लोकल बस चलाई जा रही है। हरियाणा चंडीगढ़ प्रशासन की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी की अनदेखी कर रही है लेकिन यूटी प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसलिए अधिकारियों को जगाने के लिए यह पुतला फूंक प्रदर्शन किया जाएगा।