दिल्ली, एनसीआर समेत प्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण को हरियाणा सरकार ने गंभीरता से लिया है। हरियाणा सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि एनसीआर के जिलों में एनजीटी ग्रेप-4 को सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत अब एनसीआर के जिलों में भवन निर्माण व रिपेयर, माइनिंग, मिक्सर प्लांट, सडक़ निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट आदि सभी कार्यो पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, सभी एलएमवी बीएस-6 से नीचे के डीजल वाहनों (केवल इमरजेंसी सेवाओं, मेडिकल व खाद्य सामग्री की ढुलाई करने वाले वाहनों को छोड़कर) के चलाने पर रोक लगा दी गई है। बिजली व पीएनजी की आपूर्ति वाली औद्योगिक इकाईयों को बंद रखने को कहा गया है।
हरियाणा सरकार की ओर से जारी निर्देशों में सभी डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके साथ ही प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ प्रबुद्ध लोगों की मदद से प्रदूषण कम करने लिए प्रयास करने के लिए कहा गया है।
इस समय प्रदेश के आठ शहरों में पिछले तीन दिन से वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से अधिक चल रहा है, जबकि 9 शहरों में 300 से अधिक स्तर चल रहा है। गौर हो कि दो दिन पहले ही एनजीटी ग्रेप-4 को दिल्ली, गुरुग्राम समेत एनसीआर के जिलों में लागू किया गया है। हालांकि, इसके बावजूद इसका प्रदेश में सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है।
प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कहा कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा जो वायु को प्रदूषित करे। ग्रेप-4 के तहत बिल्डिंग मेटेरियल को भी ढक कर रखना होगा। स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी सफाई कार्य के दौरान पानी का छिड़काव करने के बाद ही झाड़ू लगा सकेंगे। एनजीटी द्वारा एनसीआर में अप्रुड फ्यूल की जारी सूची के अनुसार ही औद्योगिक इकाइयों को चलाने की अनुमति होगी। दूध, डेयरी, जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण, यंत्र और दवाइयां बनाने वाली औद्योगिक इकाइयों को प्रतिबंध की श्रेणी से बाहर रखा गया है। वहीं, एनजीटी द्वारा जारी मेडिकल एडवाइजरी के अनुसार बच्चे, बुजुर्गों और ऐसे नागरिक, जिन्हें सांस लेने संबंधी, हृदय व अन्य क्रॉनिक बीमारी है उन्हें जरूरी कार्य होने पर ही घर से बाहर जाना चाहिए।