नौ महीने में दूसरी बार बढ़ाई कीमत
हरियाणा सरकार ने नौ महीने में दूसरी बार गन्ने का मूल्य बढ़ाया है। इससे पहले 25 जनवरी को हरियाणा सरकार ने गन्ने की कीमत में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी। जनवरी में मूल्य बढ़ने पर राज्य में गन्ने की कीमत 372 रुपये प्रति क्विंटल हो गया था। इससे पहले राज्य में 362 रुपये की दर से गन्ने की खरीद की जा रही थी।
सरकार की सराहनीय पहल, महंगाई के हिसाब से 450 होना चाहिए
भारतीय किसान यूनियन के प्रदश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि सरकार की पहल सराहनीय है। मगर महंगाई को देखते हुए यह मूल्य करीब 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। गन्ने की खेती पर ज्यादा खर्च होता है। इसी साल इसी साल जनवरी के महीने में किसानों ने गन्ने का दाम बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसानों ने विरोध कर किसानों ने राज्य की 14 मिलों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर ताला लगाकर गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी थी। इससे राज्य की कई चीनी मिल बंद हो गई थी। कई जगह ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी। विरोध कर रहे किसान गन्ने के राज्य अनुशंसित मूल्य को 362 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। उसके बाद सरकार ने गन्ने के रेट में दस रुपये की बढ़ोतरी की थी।
कृषि मंत्री ने दिए थे संकेत
पिछले हफ्ते ही गन्ना नियंत्रण बोर्ड की बैठक में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने इस बात के संकेत दिए थे कि हरियाणा सरकार जल्द गन्ने का मूल्य बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही इस बारे में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस मौके पर उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि हरियाणा सरकार ने पेराई सत्र 2022-23 के दौरान गन्ना किसानों को 2,819 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। साल 2022-23 के गन्ना पेराई सत्र में विभिन्न चीनी मिलों ने 770.73 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की, जिसमें 9.70 प्रतिशत की चीनी रिकवरी हुई।
कहां कितना मूल्य
| हरियाणा |
386 |
| पंजाब |
380 |
| उत्तराखंड |
355 |
| उत्तर प्रदेश |
350 |
| बिहार |
335 |